मुजफ्फरनगर: जानसठ में किसानों ने किया धरना-प्रदर्शन, हाईवे जाम कर रखीं मांगें

HIGHLIGHTS
- जानसठ में भाकियू (अराजनैतिक) ने किसानों की समस्याओं को लेकर धरना दिया।
- एसडीएम के नहीं पहुंचने पर किसानों ने हाईवे जाम किया।
- हैबतपुर वेटलैंड की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग उठाई।
मुजफ्फरनगर के जानसठ में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। काफी देर तक एसडीएम के नहीं पहुंचने पर नाराज किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। बाद में तहसीलदार मोनिका चौहान के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया और धरना समाप्त कर दिया।
हैबतपुर वेटलैंड की जमीन से कब्जे हटाने की मांग
धरने की अगुवाई तहसील अध्यक्ष अंकित जावला ने की। किसानों ने ज्ञापन सौंपकर हैबतपुर वेटलैंड की जमीन पर कथित अवैध कब्जों की जांच कराने और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। यूनियन ने आरोप लगाया कि वन विभाग की जमीन पर कब्जे और पेड़ों की कटाई से सरकारी संपत्ति के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
जलनिकासी के नालों की सफाई और खुदाई की मांग
किसानों ने खादर क्षेत्र के हाजीपुर जहांगीरपुर, योगेंद्रनगर, कान्हावाली, मजलिसपुर तौफीर, सिताबपुरी और नयागांव महाराजनगर में जलनिकासी के नालों से कब्जे हटाने के साथ उनकी सफाई और खुदाई कराने की मांग की। किसानों का कहना था कि जलभराव के कारण खेतों में फसलों को नुकसान हो रहा है। इससे गेहूं और सरसों की बुवाई में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग भी की।
प्रमाणपत्रों के नाम पर वसूली और अवैध खनन का मुद्दा उठाया
धरने के दौरान किसानों ने तहसील में खतौनी में अंश निर्धारण, जाति, आय, मूल निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर कथित अवैध वसूली की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा अवैध खनन पर रोक लगाने और पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने की मांग भी रखी।
तहसीलदार के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
तहसीलदार मोनिका चौहान धरनास्थल पर पहुंचीं और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने हाईवे से जाम हटाकर धरना समाप्त कर दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में विवेक भाटी, नफीस मेम्बर, राजीव सहरावत, संजीव सहरावत, आकाश चौधरी, यशपाल राठी, मनोज कुमार, अरुण चौधरी, प्रवेंद्र सहरावत, विश्वेंद्र अखनी और राधेश्याम त्यागी समेत कई किसान मौजूद रहे।
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