पुणे में रैपिडो की मूल कंपनी पर केस, बिना अनुमति बाइक टैक्सी चलाने का आरोप

HIGHLIGHTS
- आरटीओ के सड़क सुरक्षा दस्ते ने शुक्रवार को रैपिडो ऐप के जरिए बाइक टैक्सी बुक कर जांच की।
- अधिकारी ने येरवडा से कोथरूड बस डिपो तक की यात्रा के लिए 179 रुपये में बाइक टैक्सी बुक की थी।
- मौके पर पहुंचा दोपहिया वाहन पेट्रोल से चलता था और उसका पंजीकरण गैर-परिवहन श्रेणी में था।
मुंबई। पुणे में परिवहन विभाग की जांच के दौरान बिना अनुमति बाइक टैक्सी चलाने का मामला सामने आया है। इसके बाद पुलिस ने रैपिडो की मूल कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के सड़क सुरक्षा दस्ते ने शुक्रवार को रैपिडो ऐप के जरिए बाइक टैक्सी बुक करके जांच की थी।
इस जांच का मकसद यह पता लगाना था कि अदालतों और नियामक संस्थाओं से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कंपनी बाइक टैक्सी सेवा अवैध रूप से चला रही है या नहीं।
आरटीओ अधिकारी ने ऐप से बुक की बाइक टैक्सी
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान आरटीओ के एक अधिकारी ने रैपिडो ऐप के जरिए येरवडा से कोथरूड बस डिपो तक बाइक टैक्सी बुक की। इसके लिए 179 रुपये का भुगतान तय हुआ।
कुछ ही देर में एक चालक पेट्रोल से चलने वाला दोपहिया वाहन लेकर पहुंचा। जांच में पाया गया कि वाहन का पंजीकरण गैर-परिवहन श्रेणी में था।
बैठक के बाद की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई गुरुवार को पुणे के जिलाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अध्यक्ष जितेंद्र डूडी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद की गई। जांच में बिना अनुमति बाइक टैक्सी सेवा चलाए जाने का मामला सामने आने पर रैपिडो की मूल कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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