समुद्री संघर्ष क्षेत्रों को लेकर केंद्र का अलर्ट, भारतीय नाविकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

HIGHLIGHTS
- केंद्र सरकार ने ब्लैक सी क्षेत्र में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की।
- समुद्री इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
- कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीयों की मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों, खासकर काला सागर क्षेत्र में नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा स्थिति का ध्यानपूर्वक आकलन करने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने ब्लैक सी और इससे जुड़े समुद्री इलाकों में मौजूद सुरक्षा जोखिमों को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक संघर्ष वाले क्षेत्रों में या वहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने की इच्छा रखते हैं, उन्हें ऐसे रोजगार को स्वीकार करने से पहले वहां की सुरक्षा परिस्थितियों और संभावित जोखिमों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए।
'बेहद सतर्क रहने की सलाह'
सरकार ने कहा है कि ऐसे क्षेत्रों में नौकरी के प्रस्ताव स्वीकार करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यह एडवाइजरी ब्लैक सी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए दो हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की मौत के बाद जारी की गई है। हालिया हमले में एक भारतीय की जान गई, जबकि 19 जुलाई को हुए हमले में चार अन्य भारतीयों की मृत्यु हुई थी।
'स्थिति अभी भी बेहद अस्थिर'
सरकार ने पहले भी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की थी, जिनसे निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। नई एडवाइजरी में कहा गया है कि जारी संघर्ष के कारण ब्लैक सी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में हालात अभी भी बेहद अस्थिर बने हुए हैं।
सरकार ने बताया कि इन इलाकों में चलने वाले या गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों समेत कई सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल 2026 से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है और इन घटनाओं में पांच भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हुई है।
सरकार ने दी जरूरी जानकारी लेने की सलाह
एडवाइजरी में कहा गया है कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय नागरिक जहाज के निर्धारित मार्ग, रुकने वाले बंदरगाहों, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी जहाज मालिकों और ऑपरेटरों से पहले ही प्राप्त कर लें।
सरकार ने यह भी कहा कि रोजगार की शर्तें अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता, निकासी, स्वदेश वापसी और मुआवजे से जुड़े उचित प्रावधानों की पुष्टि करना जरूरी है।
भारतीय नाविकों से संपर्क बनाए रखने की अपील
सरकार ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे अपने परिवारों को यात्रा कार्यक्रम की जानकारी देते रहें और नियमित संपर्क बनाए रखें। जिन नागरिकों को कांसुलर सहायता की आवश्यकता हो, उन्हें संबंधित क्षेत्र में भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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