बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- कूचबिहार के दिनहाटा से तीनों आरोपियों को स्वतंत्रता दिवस से पहले गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस के मुताबिक, आरोपी बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजते थे।
- जांच में तीनों के कथित तौर पर आईएसआई एजेंट के रूप में काम करने का शक जताया गया।
पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ी कथित जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कूचबिहार जिले से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। तीनों को स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार देर शाम उत्तर बंगाल के दिनहाटा के साहेबगंज इलाके से पकड़ा गया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, तीनों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जांचकर्ताओं को शक है कि तीनों भारत में आईएसआई एजेंट के तौर पर कथित रूप से गुप्त गतिविधियों में शामिल थे। उन पर बांग्लादेश के रास्ते भारतीय मोबाइल सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने का भी आरोप है।
नकली नोट बनाने का भी आरोप
राज्य पुलिस एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यह समूह कथित तौर पर नकली नोट बनाने में भी शामिल था। इन गिरफ्तारियों के बीच पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा आतंकवादी संबंधों के संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार करने के कई मामले सामने आए हैं।
31 जुलाई को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और शहजाद भट्टी गिरोह से कथित रूप से जुड़े संदिग्ध हामिम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसकी प्रेमिका और सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। तीसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राजू को हावड़ा से पकड़ा गया था।
बंगाल में संदिग्ध आतंकी संबंधों पर कार्रवाई
इसके बाद करीब डेढ़ सप्ताह के भीतर राज्य में संदिग्ध आतंकी संबंधों के मामलों में चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम भी शामिल था। उसे उत्तर 24 परगना जिले में बांग्लादेश सीमा के पास हाबरा से जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, रऊफ 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। उसने पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रेकी करने के लिए भारतीय मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड समेत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। वह कोलकाता के संवेदनशील स्थानों पर नजर रखता था, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फोर्ट विलियम भी शामिल था।
अन्य संदिग्धों पर भी जांच जारी
राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की पूछताछ के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी रऊफ से पूछताछ करेगी। जांचकर्ताओं के अनुसार, रऊफ की एक नोटबुक को मामले में अहम सबूत माना जा रहा है। उनका दावा है कि संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी से जुड़े संपर्कों के जरिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, रऊफ से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने आईएसआई से कथित रूप से जुड़े पांच लोगों की पहचान की है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कूचबिहार में हुई गिरफ्तारियां रऊफ से मिले संपर्कों के आधार पर की गई हैं या नहीं।
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