तमिलनाडु में नवजात बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, CM विजय ने किया ऐलान

HIGHLIGHTS
- नवजात बच्चों को उपहार के तौर पर सोने की अंगूठी दी जाएगी।
- योजना पर 755.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- सीएम विजय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य में नवजात बच्चों के लिए एक नई योजना का एलान किया। इस योजना के तहत राज्य में पैदा होने वाले बच्चों को उपहार के तौर पर सोने की अंगूठी दी जाएगी। योजना 15 सितंबर से लागू होगी और इस पर करीब 755 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सीएम विजय ने किया योजना का एलान
मुख्यमंत्री विजय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करना आजादी के बराबर है और सरकार इस लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ काम करने वाली ताकतों और साजिशों को हराया जाएगा।
सीएम विजय ने कहा कि 15 सितंबर को नवजात शिशुओं के लिए 755.83 करोड़ रुपये की लागत से सोने की अंगूठी उपहार योजना शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री विजय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन नीतियों का विरोध जारी रखेगी, जो उसकी राय में राज्य के अधिकारों को कमजोर करती हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक सहयोग बनाए रखने की बात कही।
अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में सीएम विजय ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटना आजादी का पहला अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस उद्देश्य की दिशा में काम कर रही है।
सरकारी राजस्व को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी राजस्व को निजी लोगों के हाथों में जाने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
तमिलनाडु के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अभिनेत्री तृषा, विजय के पिता चंद्रशेखर और तमिलनाडु के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
अपने संबोधन की शुरुआत में सीएम विजय ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि जब लोगों को यह एहसास होता है कि उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, तो उनमें एकता की भावना पैदा होती है। सभी लोग एक साथ आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव खत्म हो जाता है और जब जाति व धर्म के भेद मिटाकर सभी लोग एक साथ आते हैं, तो वही सच्ची स्वतंत्रता है।
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