जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे सीएम योगी, बोले- भावनाओं के अनुरूप विकसित होगा पूरा ब्रज

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
- जन्माष्टमी पर करीब 30 मिनट तक जन्मस्थान परिसर में रहे योगी आदित्यनाथ।
- श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री करीब 30 मिनट तक जन्मस्थान परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी भावनाओं के अनुसार पूरे ब्रज को बदलने और विकसित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मथुरा, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन और वृंदावन सभी स्थानों का विकास लोगों की भावनाओं के अनुरूप किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में भी उन्होंने इस बात को सभी के सामने स्पष्ट कर दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसा इसलिए होगा क्योंकि यह सरकार भगवान राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में आस्था रखती है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार के लोग बाबर और औरंगजेब में अपनी आस्था रखते थे। उनमें आस्था रखने वाले लोग सनातन और लोगों में क्या आस्था रखेंगे। उनके अनुयायी और वे लोग केवल जहर घोलने का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटी, अन्नदाता, उद्यमी और किसानों को लाचार बनाने की पूरी कोशिश की जाएगी, लेकिन डबल इंजन की सरकार उन्हें अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि हम सभी का सम्मान करते हैं और विशेष रूप से सनातन का सम्मान करते हैं। ब्रजवासियों को सम्मान देने के लिए वह स्वयं हर जन्माष्टमी पर मथुरा आते हैं।
योगी ने कहा कि पिछली सरकार यहां आने से डरती थी कि कहीं उनका वोट बैंक प्रभावित न हो जाए। उन्हें केवल अपने वोटों की चिंता थी। यही वजह थी कि उनके शासनकाल में जवाहर बाग कांड जैसी घटनाएं होती थीं।
उन्होंने कहा कि अब ब्रज में ऐसे कांड नहीं होते, बल्कि रंगोत्सव और ब्रजराज उत्सव होते हैं। यह एक नए विश्वास और प्रेरणा की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण का संदेश एक ही है- कर्तव्य पथ पर चलना। देश, सनातन और मानवता के लिए काम करते हुए भारत को विकसित बनाना ही लक्ष्य होना चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.