जंतर-मंतर मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की सफाई, बोले- 10-15 लोगों ने घेरा था; आत्मरक्षा में उठाया कदम

HIGHLIGHTS
- जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान मारपीट का मामला फिर चर्चा में आया।
- स्वतंत्र भारद्वाज ने घटना को आत्मरक्षा बताया।
- उन्होंने 10-15 लोगों द्वारा घेरने का दावा किया।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। एफआईआर और स्वतंत्र भारद्वाज के बयान के अनुसार, विवाद की शुरुआत वीडियो बनाने को लेकर हुई थी। अब इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने पॉडकास्ट में किए गए दावे पर सफाई दी है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि जिस घटना को हमला बताया जा रहा है, वह आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था। उनका दावा है कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था। अगर वह आत्मरक्षा में कार्रवाई नहीं करते तो भीड़ उन्हें पीट-पीटकर मार सकती थी या उनकी जान जा सकती थी। उन्होंने कहा कि संजय कुमार पर हमला करने की उनकी कोई कोशिश नहीं थी और उनके पास इसका वीडियो भी मौजूद है।
उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी। उनके मुताबिक दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट में संजय कुमार को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि वह मामले की चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, 'जो लोग कह रहे हैं कि कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण मुझे रिहा किया गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों जैसे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि व्यंग्य में क्या कहा गया था।'
इस मामले को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कॉकरोच जनता पार्टी और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट और ट्वीट के जरिए प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
पवन खेड़ा ने किया पलटवार
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सौरभ भारद्वाज द्वारा दी गई सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाचार एजेंसी की ओर से इस बयान को चलाना और इस तरह इस दक्षिणपंथी कट्टरपंथी तथा उसके साथियों के अराजक और हिंसक एजेंडे को बढ़ावा देना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ नुकसान की भरपाई के लिए जारी किया गया मनगढ़ंत बयान उस कबूलनामे के परिणामों से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है, जो वह वीडियो में पहले ही कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि स्पष्ट कबूलनामे को केवल 'व्यंग्य' बताकर खारिज करना भी पर्याप्त नहीं है।
पवन खेड़ा ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद को बेनकाब कर दिया है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने उन लोगों को भी उजागर कर दिया है, जो हिंसा करने वालों को उकसाते हैं, उन्हें सक्षम बनाते हैं और उनका संरक्षण करते हैं। उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि क्या हुआ और देश यह सुनिश्चित करेगा कि न्याय मिले।
निशु आजाद को राहुल गांधी ने दिया भरोसा
निशु आजाद ने वायरल वीडियो को लेकर दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कबूली है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी से न्याय की गुहार लगाई।
इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए निशु को साथ देने का भरोसा दिया।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही।
रांका के अनुसार संजय नामक व्यक्ति के सिर में चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। साथ ही हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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