'सपा और शिक्षा नदी के दो छोर', गोरखपुर में CM योगी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला

HIGHLIGHTS
- गोरखपुर में शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को सीएम योगी ने संबोधित किया।
- भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मतदान की अपील की।
- शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस इलाज व सुरक्षा बीमा का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो ऐसे छोर हैं, जो कभी एक नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोध करता है, वह शिक्षकों का हितैषी भी नहीं हो सकता।
सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शिक्षा, शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और सुरक्षा के लिए काम कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी का रवैया इसके विपरीत रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय शिक्षक भी सुरक्षित नहीं थे। कई शिक्षकों को अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग शिक्षा के विरोधी रहे हैं, वे आज शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की बात कर रहे हैं। जिन्हें शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है, वे शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट था। विद्यार्थी चिंतित रहते थे और उनके सामने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी। नकल प्रदेश की पहचान बन गई थी और विद्यालयों के भवन जर्जर हालत में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की समाजवादी पार्टी सरकार इन समस्याओं को लेकर उदासीन बनी रहती थी।
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले, अराजकता फैलाने वाले और बेटियों, महिलाओं व शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने लोगों को तत्कालीन सरकार का संरक्षण मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था। उन्होंने कहा कि आज शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और महिलाओं की सुरक्षा में कोई सेंध लगाने की कोशिश करेगा तो उसे जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा।
सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोली चलवाई, वे आज अयोध्या पहुंचकर भी राम मंदिर नहीं जाते और वहां मनगढ़ंत बातें करके दुष्प्रचार करते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने और राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वाले लोग अब कालनेमि की तरह राम नाम जपने का काम कर रहे हैं।
चार बार सपा की सरकार बनी, फिर शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं मिला?
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज शिक्षक हितैषी होने का दिखावा कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सपा के चार बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा क्यों नहीं दी गई और शिक्षा जगत से जुड़ी समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया गया।
पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना: योगी
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए इसका अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में भी यह बात सामने आई। उनके मुताबिक, एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी के तहत चचा जान बने, जबकि दूसरे को पराया धन अपना फॉर्मूले के तहत मुंबई के एक धन्नासेठ के रूप में चुना गया।
सीएम योगी ने कहा कि सपा के पीडीए में बाकी समाज के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पार्टी पर बार-बार गिरगिट की तरह रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब गिरगिट भी खुश होगा कि उसे समाजवादी पार्टी के रूप में एक नया साथी और प्रतिस्पर्धी मिल गया है।
सपा के उपदेश मगरमच्छ की तरह: मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी यह दावा करती है कि उसके सत्ता में आने पर अमन-चैन, शांति और सुरक्षा कायम होगी, तो यह वैसा ही है जैसे कोई मगरमच्छ नदी के किनारे बैठकर यह उपदेश दे कि उसने शिकार करना बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सपा के लोग नाव पार लगाने वाले नहीं, बल्कि उसे डुबाने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये लोग शिक्षा की नाव डुबाने, शिक्षकों का अपमान करने और शिक्षा जगत को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्होंने लोगों से सपा पर विश्वास नहीं करने की अपील की।
गुरु के ऋण से कोई व्यक्ति कभी मुक्त नहीं हो सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करने के साथ देश का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है, क्योंकि गुरु के ऋण से कोई व्यक्ति कभी मुक्त नहीं हो सकता।
सीएम योगी ने कहा कि भारत में गुरु के सम्मान की विशिष्ट परंपरा रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरु महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की अहम भूमिका थी। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब आता है, जब चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन मिलता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का वास्तविक सम्मान तब होता है, जब उसके पढ़ाए विद्यार्थी शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करते हैं। ऐसे में लोग उनके गुरु और उनकी शिक्षा के बारे में भी जानना चाहते हैं।
शिक्षा, शिक्षक, संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के हित में काम केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक और छात्र शामिल हैं। इसके साथ ही युवा, विकास और विरासत भी पार्टी के एजेंडे का हिस्सा हैं।
बिना धरना-प्रदर्शन के पूरी की गईं शिक्षकों की अपेक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार हुआ है, जब शिक्षकों को धरना-प्रदर्शन किए बिना उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप सुविधाएं दी गईं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बेसिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षकों, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिजनों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी है।
सीएम योगी ने बताया कि शिक्षकों को वेतन कटौती के बिना सुरक्षा बीमा का कवर भी दिया गया है। सरकार की ओर से संचालित या अनुदानित विद्यालय में किसी शिक्षक के दुर्घटना का शिकार होने पर उसके परिवार को 80 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ 20 लाख रुपये तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया है।
महिला शिक्षक कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल से जाती थी: योगी
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते समय उन्हें साइकिल से जा रही एक महिला शिक्षक मिली, जिसके कंधे पर बंदूक लटकी हुई थी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जब उन्होंने महिला शिक्षक से इसके बारे में पूछा तो उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल से जा रही हूं।’
अच्छी शिक्षा व्यवस्था ही शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान अच्छी शिक्षा व्यवस्था है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के भवनों को बेहतर बनाने और उन्हें सुविधाओं से लैस करने का काम किया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव के धनराशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए बेहतर भवन, बुनियादी सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है।
मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते वर्ष 2005 में न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय योजना लागू करने के बाद भी सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के खाते नहीं खोले गए और उनमें कोई राशि जमा नहीं की गई।
सीएम योगी ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम के तहत सरकार और कर्मचारी, दोनों की ओर से 10-10 प्रतिशत राशि खाते में जमा होनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का खाता नहीं खुलवाया और पैसा जमा नहीं किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने 2018 में एक कमेटी गठित की और 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई। इसके बाद 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के खाते खुलवाकर उनमें पैसा भेजने का काम किया गया।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में जो भी जरूरी होगा, सरकार उसे लागू करने में हिचकिचाएगी नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ है और उनके हितों की रक्षा करेगी। अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है।
सपा सरकार में सारा पैसा खा जाते थे सपाई: सीएम योगी
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सपा के लोग सरकारी धन का दुरुपयोग करते थे और लूट-खसोट में लगे रहते थे। उन्होंने कहा कि सैफई सिंडिकेट के कारण प्रदेश में अराजकता फैलती थी और विकास कार्य प्रभावित होते थे। युवाओं को नौकरियां नहीं मिलती थीं और शिक्षा आयोगों में रिश्तेदारों को भर दिया जाता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्तियों में पैसे लेकर फैसले किए जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के समय प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि हर जिले से चयन हुआ और आयोगों में शिक्षकों को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार होने से देश विकास कर रहा है। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है और न ही उसे अपनी पहचान के लिए किसी पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश की छवि खराब हुई थी, जिससे निवेश और विकास प्रभावित होते थे। अब प्रदेश में पहचान का संकट नहीं है और विकास, विरासत, निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी, व्यवस्था का निर्माता और राष्ट्र की समृद्धि का आधार होता है। उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से अपील की कि वे अपने हितों के लिए काम करने वाले प्रतिनिधि का चुनाव करें।
सीएम योगी ने शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील की। उन्होंने उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के दिवंगत नेताओं ओमप्रकाश शर्मा और पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में मतदान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की जीत शिक्षा जगत में नई क्रांति का कारण बनेगी।
सीएम योगी ने बताया कि 23 अक्टूबर को मतदान होना है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों सहित शिक्षक मतदाताओं के लिए उस दिन अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने शिक्षकों से आराम से जाकर मतदान करने और ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाने की अपील की। साथ ही कहा कि इसके बाद शिक्षा जगत की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने: सूर्य प्रताप शाही
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के पूरे क्षेत्र में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी गई है।
भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों की 40 वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षक हित में योगी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और फैसलों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
कार्यक्रम में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह तथा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल और अजय शाही सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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