अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोक भवन के बाहर पुलिस ने रोका

HIGHLIGHTS
- अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने न्याय नहीं मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
- हरीश रावत ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद भी आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
- श्रीनगर बाजार में रैली निकालकर दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई गई।
अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने आज पत्रकारवार्ता की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के लिए लड़ाई पूरे प्रदेश में लड़ी जाएगी और इस मुद्दे पर सभी लोग एकजुट होंगे।
पत्रकारवार्ता के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लोक भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। यहां पुलिस ने कांग्रेस नेता हरक सिंह समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इसके बाद स्थिति बढ़ने पर पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली में इंडिया गेट पर रातभर चला प्रदर्शन
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर बीती रात प्रदर्शन किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सीआरपीएफ के साथ मिलकर सुबह 3:45 बजे अंकिता के माता-पिता, विपक्षी नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा गया।
अंकिता के माता-पिता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, हालांकि करीब दो घंटे बाद सुबह 6 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की खबर सामने आने के बाद उत्तराखंड में भी विरोध शुरू हो गया। अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत गौतम का नाम कथित वीआईपी के तौर पर सामने आया था।
पुलिस स्टेशन या जेल से तय करेंगे आगे की रणनीति: हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने हिरासत में लिए जाने पर कहा, "हमें हिरासत में ले लिया गया है। यह उनका अधिकार है; पुलिस के पास यह अधिकार है और उन्होंने हमें हिरासत में लिया है। आगे क्या करना है, यह हम तय करेंगे—चाहे पुलिस स्टेशन से या जेल से—कि हमारी आगे की रणनीति क्या होगी।"
दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में श्रीनगर में रैली
अंकिता भंडारी मामले को लेकर दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग भी उठाई गई। इसी मांग को लेकर बृहस्पतिवार को एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिरला परिसर के गेट पर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान दुष्यंत कुमार गौतम का पुतला जलाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर बाजार में रैली निकाली। इस प्रदर्शन में एआईडीएसओ, आइसा, जस्टिस फॉर अंकिता समिति, ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन और एलयूसीसी प्रभावित मंच के सदस्य शामिल हुए।
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