दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का स्कूलों पर असर, प्रार्थना सभा और आउटडोर गतिविधियों पर लगी रोक

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में ठंड की शुरुआत के साथ वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है।
- प्रदूषण को देखते हुए स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए।
- कई स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाई गई।
इसके तहत कई स्कूलों में सुबह होने वाली प्रार्थना सभा और खेलकूद सहित अन्य बाहरी गतिविधियों को बंद कर दिया गया है। साथ ही बच्चों को प्रदूषित हवा से बचने के लिए मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है। आउटडोर गतिविधियों की जगह अब स्कूलों में इनडोर गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकारी और निजी स्कूलों में प्रदूषण से बचाव के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पटपड़गंज के नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल में बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। विद्यार्थियों को मास्क पहनने और आवश्यकता पड़ने पर कक्षाओं के भीतर ही रहने की सलाह दी गई है।
स्कूल की प्रधानाचार्या ने क्या बताया?
नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या वीना मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में अभिभावकों को भी जरूरी सलाह दी गई है। विद्यार्थियों की सुबह की प्रार्थना सभा अब खुले मैदान के बजाय हॉल में आयोजित की जा रही है।
वहीं, इंडियन स्कूल में कक्षाओं के अंदर एयर प्यूरीफायर लगाए गए हैं और इनडोर पौधे भी रखे गए हैं। यहां भी बाहरी गतिविधियों को सीमित कर दिया गया है।
रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रधानाचार्या ज्योति अरोड़ा ने बताया कि प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए स्कूल परिसर में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को मास्क लगाकर आने के लिए कहा गया है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में किए जा रहे इंतजाम
वसुंधरा एंक्लेव के एवरग्रीन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या प्रियंका गुलाटी ने बताया कि स्कूल प्रशासन लगातार एक्यूआई पर नजर रख रहा है। विद्यार्थियों को मास्क पहनकर स्कूल आने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही धूल को कम करने के उद्देश्य से खेल के मैदान में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन के लिए बच्चों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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