मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग के खिलाफ ठेकेदारों का धरना, 25 करोड़ के बकाये का दावा

HIGHLIGHTS
- ठेकेदारों के अनुसार, करीब 50 से 60 लोगों का भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित है।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों की बकाया राशि जारी करने की मांग उठाई गई।
- एआर और एसआर मद के कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की धनराशि जारी करने की मांग की गई।
मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग में लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे महावीर चौक स्थित विभागीय कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ठेकेदारों का दावा है कि करीब 50 से 60 ठेकेदारों का 24 से 25 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। उन्होंने अपनी 11 सूत्रीय मांगों का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।
धरने पर बैठे ठेकेदार अभिषेक बंसल ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से भुगतान नहीं किया गया है, जबकि शासन स्तर से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि जारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भुगतान लंबित रहने से ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग उठाई।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
ठेकेदारों की ओर से सौंपे गए मांग-पत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों का लंबित भुगतान जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 में एआर और एसआर मद के कार्यों के लिए धनराशि जारी करने तथा जून-जुलाई में कराए गए नाला संबंधी कार्यों का भुगतान करने की मांग की गई है।
ठेकेदारों ने बिना अनुबंध पूरा कराए कराए गए कार्यों के अनुबंध नियमानुसार पूरे करने और उनका भुगतान करने की मांग भी रखी है।
निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने सहायक अभियंता स्तर पर हुई निविदाओं के दस्तावेज उपलब्ध कराने, स्वीकृत बजट से अधिक के अनुबंध नहीं करने और तकनीकी पात्रता पूरी नहीं करने वाले निविदादाताओं को योग्य घोषित किए जाने के मामलों की जांच कराने की मांग की।
इसके साथ ही ठेकेदारों ने अनुभवी कैशियर की नियुक्ति और स्थानांतरित कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने की मांग भी रखी। उन्होंने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करने और इसकी लिखित जानकारी देने को कहा है।
अनुमति के बिना प्रदर्शन पर पुलिस की चेतावनी
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी। पुलिस ने कहा कि धरना देने या प्रदर्शन करने से पहले अनुमति लेना जरूरी है।
अधिशासी अभियंता ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा ने बकाया भुगतान रोके जाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला एक ब्लैकलिस्टेड व्यक्ति को कैशियर नियुक्त कराने के लिए दबाव बनाने से जुड़ा है।
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