चक्रवात ‘दित्वाह’ हुआ कमजोर, श्रीलंका में फंसे सभी भारतीय सुरक्षित लौटे

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘दित्वाह’ अब कमजोर पड़कर गहरे दबाव में तब्दील हो गया है और लगभग 10 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देर रात जारी बुलेटिन में बताया कि गहरे दबाव का केंद्र तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित था। स्थिति को देखते हुए उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट लागू है। इस बीच तमिलनाडु के आपदा प्रबंधन मंत्री के.के.एस.एस.आर. रामचंद्रन ने बताया कि राज्य में भारी बारिश से जुड़े घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है।
कोलंबो एयरपोर्ट से भारतीयों की सुरक्षित वापसी
चक्रवात के कारण श्रीलंका में फंसे भारतीयों को निकालने का अभियान भी पूरा हो गया। भारतीय वायुसेना के विमान से अंतिम खेप में 104 भारतीय यात्रियों को सोमवार सुबह 6:30 बजे तिरुवनंतपुरम लाया गया। यह बचाव अभियान ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत संचालित किया गया था, जिसका उद्देश्य विदेशों में कठिन परिस्थितियों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालना है।
स्कूल–कॉलेज बंद रहने को लेकर स्थिति
तमिलनाडु के कई जिलों में पहले ही शिक्षण संस्थान बंद किए जा चुके थे। हालांकि, 1 दिसंबर के बाद की स्थिति को लेकर अभी तक कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। छात्रों को अपने स्कूलों से सीधे सूचना लेने की सलाह दी गई है। उधर, पुडुचेरी सरकार ने घोषणा की है कि 1 दिसंबर को सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल–कॉलेज बंद रहेंगे।
चक्रवात दित्वाह से जुड़े मुख्य अपडेट
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सिस्टम अब गहरे दबाव में बदल चुका है और उत्तर दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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यह केन्द्र चेन्नई और पुडुचेरी से लगभग 90 किमी, कड्डलोर से 110 किमी और कारैक्कल से 180 किमी दूर था।
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मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि सोमवार तक यह कमजोर पड़ते हुए तट के समानान्तर आगे बढ़ेगा।
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तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेन्नई, चेंगलपट्टू, वेल्लोर और रणिपेट जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना है।
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उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी तट पर 60–70 किमी/घंटा की हवाएं चल सकती हैं, जो 80 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं।
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दक्षिण आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी है।
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श्रीलंका में चक्रवात के चलते आई आपदा में अब तक 334 मौतें, 400 से अधिक लोग लापता और लगभग 13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
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भारत ने श्रीलंका में फंसे सभी नागरिकों को बाहर निकालने के साथ-साथ राहत सामग्री भेजने के लिए एक और वायुसेना विमान रवाना किया है।
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