आंध्र प्रदेश में चक्रवात का खतरा, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानों के लिए एडवाइजरी

HIGHLIGHTS
- चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में आगे बढ़ रहा है।
- एअर इंडिया ने यात्रियों को आधिकारिक वेबसाइट पर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
- मौसम विभाग के अनुसार, तटीय क्षेत्रों में 115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते मौसम खराब होने की आशंका के बीच एअर इंडिया ने मंगलवार को यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। एयरलाइन के मुताबिक, 27 अक्तूबर को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा से आने-जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ सकता है। यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी गई है।
एअर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि चक्रवात अर्नब से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण 27 अक्तूबर को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। एयरलाइन ने खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से यात्रा में भी परेशानी होने की आशंका जताई है। यात्रियों से आधिकारिक वेबसाइट पर उड़ान की स्थिति जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए पर्याप्त समय रखने को कहा गया है।
बुधवार सुबह तट से टकराने का अनुमान
आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात अर्नब से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। गंभीर चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में आगे बढ़ रहा है। पिछले छह घंटों में इसकी गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे रही है। अनुमान है कि यह बुधवार सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास तट से टकरा सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और बेहद भारी बारिश होने की आशंका है।
मंगलवार सुबह भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के अनुसार, चक्रवात विशाखापत्तनम से लगभग 300 किलोमीटर, काकीनाडा से 360 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 460 किलोमीटर और बापटला से 530 किलोमीटर दूर था।
एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि तूफान मंगलवार शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़कर तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।
140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि तट से टकराते समय चक्रवात और तीव्र होकर अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। तटीय क्षेत्रों में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तट के कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है।
16 जिलों में राहत और बचाव की तैयारी
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, चक्रवात के संभावित रास्ते में 16 जिले, 2,460 राजस्व गांव और 92 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
इसके तहत 1,763 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। जिला और मंडल स्तर पर 2,907 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी के लिए 3,185 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
कमजोर और जोखिम वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 2,107 स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड इकाइयों में निकासी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी 11 अत्यधिक जोखिम वाले जिलों में तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर ये टीमें बचाव और राहत अभियान चलाएंगी।
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