पंजाब विधानसभा में खैरा के निलंबन पर बवाल, कांग्रेस और आप विधायक आपस में भिड़े

HIGHLIGHTS
- सुखपाल सिंह खैरा को 23 अक्टूबर को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था।
- वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा पर अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
- कांग्रेस ने निलंबन की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के निलंबन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खैरा को विधानसभा में प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन किया।
विधानसभा परिसर में मीडिया के सामने बयान देते समय आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति धक्कामुक्की तक पहुंच गई। इस घटनाक्रम के बाद परिसर में तनाव बढ़ गया।
सुखपाल सिंह खैरा को 23 अक्टूबर को सदन की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा पर विधानसभा अध्यक्ष के प्रति असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए निलंबन का प्रस्ताव पेश किया था। सदन में मौजूद सदस्यों ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया था।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए विरोध जताया था। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रधान परगट सिंह हाथ जोड़ते हुए दिखाई दिए।
प्रवेश रोके जाने पर कांग्रेस विधायकों का विरोध
मंगलवार को विशेष सत्र के अंतिम दिन भी खैरा के निलंबन को लेकर विवाद जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में प्रवेश रोके जाने और खैरा के निलंबन के खिलाफ आवाज उठाई।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी विधानसभा अध्यक्ष के सामने कांग्रेस विधायकों को बाहर रोके जाने का मुद्दा उठाया।
मीडिया के सामने भिड़े कांग्रेस और आप के नेता
विधानसभा परिसर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता मीडिया के सामने अपने-अपने पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान दोनों दलों के विधायकों के बीच बहस तेज हो गई और देखते ही देखते धक्कामुक्की की स्थिति बन गई।
कांग्रेस खैरा के निलंबन को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से भी जवाब दिया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने विशेष सत्र के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया।
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