बसंत पंचमी पर नमाज़ का समय तय करने की मांग, दिग्विजय ने की शांति बनाए रखने की अपील

धार। ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इस वर्ष बसंत पंचमी शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को पड़ रही है। इससे पहले भी जब-जब यह संयोग बना है—2006, 2013 और 2016 में—तब इलाके में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। इन्हीं अनुभवों को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही चौकस नजर आ रहा है।
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज़ का एक साथ पड़ना नया नहीं है। पहले भी इस स्थिति को शांति और आपसी सहमति से संभाला गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 2003, 2013 और 2016 में अपने आदेशों में स्पष्ट किया था कि जब दोनों आयोजन एक ही दिन हों, तो पूजा का समय सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और फिर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा। दोपहर 1 से 3 बजे का समय नमाज़ के लिए निर्धारित रहेगा।
उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से अपील की कि ASI के निर्देशों का पूरी तरह पालन हो और किसी भी तरह की अफवाह या सांप्रदायिक भड़कावे पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, दोनों समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने का आग्रह किया।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हालात सामान्य बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत की जा रही है। रविवार को एहतियातन करीब 2,000 पुलिसकर्मियों ने शहर में फ्लैग मार्च किया।
भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरों के साथ लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
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