धार भोजशाला विवाद: नमाज के लिए वैकल्पिक जगह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फिर होगी सुनवाई

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी।
- याचिका में वैकल्पिक नमाज स्थल उपलब्ध कराने के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया गया है।
- कोर्ट ने पहले विवादित स्थल के पास शुक्रवार की नमाज के लिए अलग जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के अदालत के निर्देश का पालन नहीं किया गया।
24 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने की बात कही थी। हालांकि, पीठ की कार्यवाही जल्द समाप्त होने के कारण उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी।
सुप्रीम कोर्ट में कब होगी सुनवाई?
वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने इस मामले का उल्लेख उस समय किया, जब पीठ दिन की कार्यवाही समाप्त करने जा रही थी। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की जाएगी।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि वह अहमदी को वैकल्पिक स्थल की जानकारी क्यों नहीं दे रहे हैं।
अहमदी ने क्या कहा?
वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक स्थल 1.3 किलोमीटर दूर है और जिला कलेक्टर ने आदेश जारी कर केवल उसी स्थान को आवंटित करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
वहीं, विधि अधिकारी ने अदालत को बताया कि प्रशासन ने एक अन्य स्थान की पहचान कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को एक और जगह मिल गई है।
हालांकि, अहमदी ने प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह जगह उपयुक्त नहीं है और काफी दूर है। उन्होंने कहा कि भोजशाला स्थल के पास एक दरगाह है और उसके सामने की जमीन नमाज के लिए आवंटित की जा सकती है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने क्या निर्देश दिए थे?
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल अपीलों पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मामले का अंतिम फैसला आने तक विवादित स्थल के पास शुक्रवार की नमाज के लिए दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच एक अलग खुला स्थान उपलब्ध कराया जाए।
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