एयर सुविधा 2.0 को लेकर सरकार का अलर्ट, फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें विदेशी यात्री

HIGHLIGHTS
- सरकार ने एयर सुविधा 2.0 की फर्जी वेबसाइटों को लेकर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अलर्ट किया।
- मंत्रालय ने बताया कि एयर सुविधा 2.0 सेवा पूरी तरह मुफ्त है, किसी भुगतान की जरूरत नहीं।
- नए डिजिटल सिस्टम से यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी और जांच प्रक्रिया होगी आसान।
अगर आप आने वाले दिनों में विदेश यात्रा से भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एयर सुविधा 2.0 के नाम पर चल रही फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह दी है।
सरकार के मुताबिक, कुछ नकली वेबसाइटें आधिकारिक एयर सुविधा 2.0 पोर्टल की तरह दिखाई दे रही हैं और यात्रियों को भ्रमित कर रही हैं। ये वेबसाइटें फॉर्म भरने के नाम पर लोगों को पेमेंट गेटवे तक पहुंचा रही हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एयर सुविधा 2.0 की सेवा पूरी तरह निशुल्क है। सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने के लिए यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।
यात्रियों को दी गई ये सलाह
मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी या यात्रा से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट के लिंक की अच्छी तरह जांच कर लें। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान न करें और केवल सरकारी पोर्टल से ही जानकारी प्राप्त करें।
सरकार ने यात्रियों से कहा है कि वे फर्जी वेबसाइटों से बचने के लिए सिर्फ आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।
क्यों शुरू की गई एयर सुविधा 2.0 सेवा?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने मिलकर एयर सुविधा 2.0 की शुरुआत की है। यह एक अपडेटेड और पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नए सिस्टम से यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
एयर सुविधा 2.0 के जरिए यात्रियों की जानकारी रियल-टाइम में संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी। इसमें एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और राज्य निगरानी अधिकारी शामिल हैं।
इस डिजिटल व्यवस्था से संदिग्ध यात्रियों की पहचान तेजी से हो सकेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर चिकित्सा निगरानी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
नई व्यवस्था में भारत पहुंचने के बाद यात्रियों को किसी भी तरह का कागजी फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और आसान होगी।
फर्जीवाड़े से बचने के लिए जरूरी बातें
- एयर सुविधा 2.0 सेवा मुफ्त है: फॉर्म भरने के लिए सरकार कोई शुल्क नहीं लेती है।
- केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें: सही वेबसाइट https://airsuvidha.civilaviation.gov.in/ है।
- पेमेंट मांगने वाली वेबसाइट से सावधान रहें: फॉर्म भरने के लिए पैसे मांगने वाली वेबसाइट फर्जी हो सकती है।
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल है: भारत आगमन पर किसी भौतिक फॉर्म की जरूरत नहीं होगी।
- स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए शुरू हुई सेवा: इबोला जैसे स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है।
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