हिमाचल में तीसरे दिन भी बर्फबारी-बारिश, 61 सड़कें बंद; 49 ट्रांसफार्मर ठप

HIGHLIGHTS
- किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
- कांगड़ा के धौलाधार में भी हुई बर्फबारी
- रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे बर्फ से ढके
- किन्नौर, कुल्लू और शिमला में सेब तुड़ान प्रभावित
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार तीसरे दिन ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ कांगड़ा के धौलाधार में बर्फबारी हुई, जबकि राजधानी शिमला, धर्मशाला समेत अन्य जिलों में बारिश हुई।
बर्फबारी और बारिश के कारण किन्नौर, कुल्लू और शिमला के ऊपरी इलाकों में सेब तुड़ान प्रभावित हुआ है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से दस डिग्री की गिरावट दर्ज होने से ठंड बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के तापमान में भी कमी आई है। रविवार रात को कल्पा में सितंबर में 18 साल का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। इससे पहले 24 सितंबर 2008 को कल्पा में रात का पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जबकि अब यह 4.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है।
सोमवार शाम तक प्रदेश में 61 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। वहीं, 49 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे।
रोहतांग समेत कई दर्रे बर्फ से ढके
हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने के साथ सोमवार को लाहौल-स्पीति के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे तथा किन्नौर जिले के छितकुल, कुन्नोचारंग, लिप्पा और आसरंग बर्फबारी से सफेद हो गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दारचा से लेह और शिंकुला की ओर दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
जिला चंबा के पांगी और भरमौर की ऊंची चोटियों सुराल, परमार, कुमार भुटोरी, चस्क भुटोरी, सुशासर हिल्स और सचे जोत समेत ऊंचे क्षेत्रों में 10.16 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, निचले इलाकों में बारिश हुई। इससे खेतों में काटकर रखी मक्की और पशु चारे के खराब होने की चिंता बढ़ गई है।
राजधानी शिमला और धर्मशाला में सोमवार को झमाझम बारिश हुई। मैदानी जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा।
एनएच-5 पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित
बारिश के चलते स्पीलो से पूह और काजा की ओर एनएच-5 पर कई जगह भूस्खलन हुआ और चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित रहा। पूरबनी झूला, नेसंग झूला, मलिंग नाला और श्यासो में सड़क बाधित हुई। नेसंग में सड़क बंद होने के कारण एचआरटीसी की बस फंस गई।
जिला सिरमौर में बारिश से लहसुन की बिजाई प्रभावित हुई है, जबकि जिला किन्नौर में तीन दिन से सेब तुड़ान ठप है। कुल्लू के निचले क्षेत्रों में भी रुक-रुककर बारिश हुई। राजधानी शिमला में सोमवार को पूरे दिन बारिश जारी रही।
भेड़पालकों को बचाया, 1500 भेड़-बकरियां लापता
शिमला जिले के डोडरा क्वार के रूपिन पास क्षेत्र में शनिवार रात से हिमपात के कारण फंसे सांगला और डोडरा क्वार के भेड़पालकों को 12 सदस्यीय बचाव दल ने रेस्क्यू कर लिया है। हालांकि, 1500 भेड़-बकरियों का अब तक पता नहीं चला है। इनमें कुछ मवेशियों के ठंड के कारण मरने की आशंका जताई जा रही है।
रोहड़ू के जांगलिख में भारी भूस्खलन के कारण सुंदरू खड्ड का बहाव रुक गया है। प्रशासन ने लोगों को खड्ड के किनारे नहीं जाने का अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा ताबो, केलांग, कुकुमसेरी और कुफरी में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार रात ताबो में न्यूनतम तापमान 4.2, कुकुमसेरी में 6.1, केलांग में 7.7, कुफरी में 8.8 और शिमला में 12.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मंगलवार को भी बारिश के आसार, बुधवार से मौसम साफ
हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में मंगलवार को भी बारिश होने की संभावना है। बुधवार 30 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 30 सितंबर से चार अक्तूबर तक प्रदेश में धूप खिली रहने से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
इसी सप्ताह प्रदेश से दक्षिण पश्चिम मानसून के विदा होने के आसार भी हैं।
कहां कितनी बारिश हुई
कांगड़ा: 90 मिलीमीटर
धर्मशाला: 75 मिलीमीटर
कल्पा: 33 मिलीमीटर
सोलन: 23 मिलीमीटर
मंडी: 23 मिलीमीटर
शिमला: 22 मिलीमीटर
नाहन: 15 मिलीमीटर
ऊना: 10 मिलीमीटर
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