दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार, 24 अक्टूबर को एक्यूआई 191 दर्ज; एक दशक का सबसे निचला स्तर

HIGHLIGHTS
- धूल नियंत्रण नियमों और अनधिकृत गतिविधियों की जांच के लिए 160 निर्माण स्थलों और प्लॉटों का निरीक्षण किया गया।
- प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी के लिए एआई आधारित प्रणालियों, सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से कचरा नहीं जलाने और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने की अपील की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, शनिवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 191 रहा। कोविड काल को छोड़ दें तो पिछले एक दशक में 24 अक्टूबर के दिन दर्ज किया गया यह सबसे कम एक्यूआई है। 191 का एक्यूआई मध्यम श्रेणी में आता है।
पिछले वर्षों में वायु गुणवत्ता की स्थिति
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 24 अक्टूबर को पिछले वर्षों में दिल्ली का एक्यूआई इस प्रकार दर्ज किया गया था।
24 अक्टूबर 2024: 306 (खराब श्रेणी)
24 अक्टूबर 2025: 275 (खराब श्रेणी)
24 अक्टूबर 2026: 191 (मध्यम श्रेणी)
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता में सुधार का श्रेय प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन, लगातार निगरानी और जनभागीदारी के जरिए प्रदूषण से निपटने के लिए काम किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्रवाई
दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ अपना अभियान 'वॉर मोड' में जारी रखे हुए है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 9,883 चालान जारी किए गए। धूल पर नियंत्रण के लिए 2,810 किलोमीटर लंबी सड़कों की मशीनों से सफाई की गई, जबकि 1,075 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया।
कचरे और मलबे का प्रबंधन
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 12,702 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। इसके अलावा, 2,223 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस से निकला कचरा उठाया गया और सड़क से 168 मीट्रिक टन धूल एकत्र की गई।
अनधिकृत गतिविधियों और धूल नियंत्रण के नियमों के पालन की जांच के लिए 160 निर्माण स्थलों और प्लॉटों का निरीक्षण भी किया गया।
तकनीकी निगरानी और प्रशासन की भूमिका
प्रदूषण के स्रोतों पर नजर रखने के लिए सरकार आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रणालियों, सीसीटीवी निगरानी और वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का आकलन करने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और संबंधित विभागों के अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली के लोगों से कचरा नहीं जलाने, उसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता में हुए सुधार को बरकरार रखने के लिए लोगों का लगातार सहयोग जरूरी है।
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