हिमाचल में बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से 75 सड़कें बंद; 15 की मौत

HIGHLIGHTS
- हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े, किन्नौर में 100 फीट लंबा बेली ब्रिज पानी में डूब गया।
- कुल्लू की गड़सा घाटी में बादल फटने से 10 छोटे पुल बह गए, कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
- प्रदेश में बारिश से 75 सड़कें बंद, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित; प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और मलबा आने की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है। किन्नौर से लेकर कुल्लू तक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जबकि प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के लिप्पा क्षेत्र में बारिश के बाद पेजर नाले में अचानक बाढ़ आ गई। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने तेती खड्ड का रास्ता रोक दिया, जिससे लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया। पुल के बंद होने से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
वहीं, कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में बुधवार को बादल फटने के बाद गड़सा नाले में भारी बाढ़ आ गई। इस आपदा में करीब 10 छोटे पुल बह गए, जिसके बाद कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुलों के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिमला में भूस्खलन और मलबे से बढ़ी परेशानी
राजधानी शिमला में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। रातभर हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आईं। विकासनगर क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि टूटू इलाके में पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
बारिश के चलते शिमला समेत कई जिलों में शुक्रवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताते हुए लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
प्रदेश में 75 सड़कें बंद, बिजली-पानी सेवाएं प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बारिश और भूस्खलन के कारण गुरुवार देर शाम तक प्रदेश में करीब 75 सड़कें बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा बिजली वितरण से जुड़े 29 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं और पानी की पांच योजनाओं पर भी असर पड़ा है।
बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 10 जुलाई तक प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों व संवेदनशील पहाड़ी इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.