‘पहचान जांचें, हनुमान चालीसा पढ़ें’, गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर राणे का बड़ा बयान

HIGHLIGHTS
- नितेश राणे ने VHP की मांग का समर्थन किया
- गरबा में आने वालों की पहचान जांचने की बात
- प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा पढ़ने का सुझाव
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गरबा में शामिल होने वाले लोगों की पहचान की जांच की जानी चाहिए। राणे ने प्रवेश देने से पहले हनुमान चालीसा पढ़ने की बात भी कही। उनका दावा है कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं।
राणे ने कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, गरबा में आने वाले लोगों को पहचान दिखानी चाहिए और प्रवेश की अनुमति देने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाना चाहिए।
वीएचपी ने गरबा आयोजनों को लेकर क्या मांग की?
वीएचपी ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने की मांग की थी। संगठन की ओर से आयोजकों के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इनमें प्रतिभागियों की पहचान आधार कार्ड से जांचने और प्रवेश से पहले उनके माथे पर तिलक लगाने की बात कही गई है। नवरात्रि का त्योहार 11 अक्टूबर से शुरू होगा।
वीएचपी के दिशा-निर्देशों में क्या शामिल है?
- महाराष्ट्र में होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने की मांग।
- प्रतिभागियों की पहचान आधार कार्ड से जांचने की बात।
- प्रवेश से पहले प्रतिभागियों के माथे पर तिलक लगाने का सुझाव।
‘लव जिहाद’ को लेकर नितेश राणे ने क्या दावा किया?
नितेश राणे ने आरोप लगाया कि नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ने लगते हैं। ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं की ओर से उस कथित साजिश के आरोप के लिए किया जाता है, जिसमें मुस्लिम पुरुषों पर हिंदू महिलाओं को रिश्तों में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया जाता है।
राणे ने इसी दावे का हवाला देते हुए गरबा आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की पहचान जांचने की मांग का समर्थन किया है।
गणेश उत्सव के डीजे और दूसरे नेताओं पर क्या बोले राणे?
गणेश उत्सव में डीजे पर रोक की मांग को लेकर नितेश राणे ने कहा कि नियम सभी धार्मिक जुलूसों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गणेश उत्सव में डीजे की अनुमति नहीं है, तो ईद के जुलूसों में भी इसी तरह की पाबंदी होनी चाहिए।
राणे ने दावा किया कि हाल के ईद जुलूसों में देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजाया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू अदालत के आदेश और ध्वनि से जुड़े नियमों का पालन करते हैं।
- राज ठाकरे की कथित टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए राणे ने पूछा कि हिंदू परंपराओं की ही आलोचना क्यों की जाती है।
- राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर राणे ने हिंदू संस्कृति को बदनाम करने का आरोप लगाया।
- आदित्य ठाकरे से दिशा सालियान मामले को लेकर सवाल करते हुए राणे ने कहा कि अब मामले के सभी पहलू सामने आएंगे।
दिशा सालियान मामले में नितेश राणे ने क्या कहा?
नितेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे को दिशा सालियान की मौत के मामले को लेकर घेरा। उन्होंने सवाल किया कि अगर आदित्य ठाकरे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है तो उनके वकील ने अदालत में हस्तक्षेप आवेदन क्यों दाखिल किया।
राणे ने दावा किया कि यह मामला राजनीतिक नहीं, बल्कि एक महिला के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है।
दो सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। अदालत ने छह साल तक एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर मुंबई पुलिस को भी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस की जांच ‘जवाब से ज्यादा सवाल खड़े करती है।’
राणे ने कहा कि अब इस मामले से जुड़े सभी पहलू सामने आएंगे।
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