क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास, भावुक वीडियो शेयर कर दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की।
- रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी।
- उन्होंने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के साथ 23 साल का सफर पूरा किया।
पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया है। कोच जॉर्ज जेसुस के साथ हुए विवाद के बाद 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर इस फैसले की जानकारी दी। रोनाल्डो पुर्तगाल के लिए 146 गोल कर चुके हैं और देश के सर्वकालिक सबसे सफल गोल स्कोरर हैं। उन्होंने 232 मैचों में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया और 2016 में टीम को यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
कोच जॉर्ज जेसुस के साथ क्यों हुआ विवाद?
रोनाल्डो और पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जेसुस के बीच विवाद पिछले अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के दौरान सामने आया था। उस समय ओस्लो में नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत हासिल की थी, लेकिन रोनाल्डो को मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला।
मैच समाप्त होने के तुरंत बाद रोनाल्डो सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए। वह मैदान पर मौजूद प्रशंसकों का अभिवादन करने के लिए अपने साथियों के साथ नहीं पहुंचे, जो टीम का समर्थन करने के लिए यात्रा करके वहां आए थे।
इस घटना के बाद रोनाल्डो पर निलंबन की कार्रवाई की गई और जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद उन्होंने एक विस्तृत बयान जारी कर टीम छोड़ने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कोच जॉर्ज जेसुस पर अपना वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
रोनाल्डो के मुताबिक, उन्हें मैच के दौरान सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर उतारने की बात कही गई थी। इस भरोसे के बाद उन्होंने वॉर्म-अप भी शुरू कर दिया था, लेकिन आखिरी समय में कोच ने अपना फैसला बदल दिया। इसी विवाद और नाराजगी के बीच रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का फैसला लिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दी जानकारी
पांच बार बैलन डी'ऑर का खिताब जीत चुके क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करके अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत की पुष्टि की। पुर्तगाल को यूरो 2016 का चैंपियन बनाने वाले रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने और सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराया।
उन्होंने अपने करियर के दौरान 234 मैचों में 146 गोल किए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पुर्तगाल के लिए एक शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर पूरा किया।
भावुक संदेश में बोले- अब नंबर 7 की जर्सी लौटाने का वक्त आ गया
41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने विदाई संदेश में कहा कि अब वह समय आ गया है, जब उन्हें पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी वापस सौंप देनी चाहिए।
पुर्तगाल के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'वह दिन आ गया है, जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी वापस सौंप रहा हूं। मुझे कभी नहीं लगा कि यह जर्सी सिर्फ मेरी थी। लेकिन 23 साल तक इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया के अलग-अलग स्टेडियमों में इसे अपने साथ लेकर जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मुझे मिली।'
'गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं, मुझे लोग याद आते हैं'
रोनाल्डो ने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। अगस्त 2003 में शुरू हुआ उनका अंतरराष्ट्रीय सफर उनकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन गया।
उन्होंने कहा, 'यह निर्णय लेना आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले केवल दिमाग से नहीं लिए जाते, उनमें दिल की आवाज भी शामिल होती है। अगस्त 2003 में शुरू हुआ मेरा सफर, जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब समाप्त हो गया है। जब मैं राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए समय को याद करता हूं तो मेरे सामने केवल मैच, गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं आतीं, बल्कि मुझे लोग याद आते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे विदेशों में रहने वाले पुर्तगाली लोग याद आते हैं, जिन्हें 90 मिनट के खेल के दौरान ऐसा लगता था कि वे अपने घर के और करीब आ गए हैं। मुझे पुर्तगाल के वे लाखों लोग भी याद आते हैं, जिनसे मेरी कभी मुलाकात नहीं हुई, लेकिन वे मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गए। आखिरकार फुटबॉल केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह लोगों को आपस में जोड़ने का जरिया है।'
'हमेशा अपनी सीमाओं से आगे जाकर प्रदर्शन करने की कोशिश की'
पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी ने राष्ट्रीय टीम के साथ अपने सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा खुद से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रखी। उनका मकसद केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि टीम के लिए इतिहास बनाना भी था।
रोनाल्डो ने कहा, 'राष्ट्रीय टीम के साथ अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा अपनी सीमाओं से आगे जाकर प्रदर्शन करने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था, बेहतर बनना चाहता था और इतिहास रचना चाहता था। मैंने हमेशा खुद से सबसे ज्यादा उम्मीद रखी और लगातार कुछ नया हासिल करने की कोशिश की। मुझे विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं। इस जर्सी के लिए मैंने अपना सबकुछ दिया। कुछ जीत ऐसी रहीं, जिन्हें मैं जिंदगीभर नहीं भूल पाऊंगा, जबकि कुछ हार का दर्द आज भी महसूस होता है।'
'गलतियां कीं, मुश्किलें झेलीं, लेकिन कभी पीछे नहीं हटा'
अपने विदाई संदेश में रोनाल्डो ने करियर के मुश्किल दौर और उन मौकों का भी जिक्र किया, जब वह प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और पुर्तगाल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास जारी रखा।
उन्होंने कहा, 'मुझसे गलतियां हुईं और मैंने मुश्किलें भी झेलीं। कई बार मैं पुर्तगाल के लोगों को वह खुशी नहीं दे पाया, जिसकी वे मुझसे उम्मीद करते थे। इसके बावजूद मैंने कभी हार नहीं मानी। अब राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर मेरा सफर खत्म हो रहा है। मैं सिर ऊंचा करके जा रहा हूं। मुझे अपने सफर पर गर्व है और इस बात का सुकून है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सबकुछ दिया।'
रोनाल्डो ने कितने फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो दो दशक से भी ज्यादा समय तक पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी रहे। उनकी मौजूदगी में टीम ने यूरो 2016 का खिताब जीता और दो यूईएफए नेशंस लीग ट्रॉफियां भी अपने नाम कीं।
रोनाल्डो ने अपने करियर में छह फीफा विश्व कप में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। उनका आखिरी विश्व कप अभियान इस साल स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में मिली 1-0 की हार के साथ समाप्त हुआ था।
उनके नाम विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। हालांकि, इतने शानदार व्यक्तिगत रिकॉर्ड और लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बावजूद विश्व कप की ट्रॉफी जीतने का उनका सपना अधूरा ही रह गया।
अपने संन्यास के फैसले पर बात करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय है। उन्होंने दोहराया कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि अगस्त 2003 में शुरू हुआ सफर उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल चुका है। अब यह यात्रा समाप्त हो रही है।
ऐसा रहा क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने साल 2003 में महज 18 साल की उम्र में पुर्तगाल के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में टीम का हिस्सा बनने के बाद वह धीरे-धीरे पुर्तगाल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो गए। आगे चलकर उन्हें राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी मिली।
अपने लंबे करियर में रोनाल्डो ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने पुर्तगाल की ओर से 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए।
इसके अलावा वह छह फीफा विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी भी बने। रोनाल्डो ने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के विश्व कप में हिस्सा लिया। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में यूरो 2016 का खिताब और व्यक्तिगत गोल रिकॉर्ड सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहे।























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