दिल्ली के जंतर-मंतर से हटे बैरिकेड, स्थानीय लोगों को मिली बड़ी राहत

HIGHLIGHTS
- दिल्ली के जंतर-मंतर से बैरिकेड हटा दिए गए हैं।
- गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश के बाद जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया।
- बैरिकेडिंग हटने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में राहत मिली है।
दिल्ली के जंतर-मंतर से बैरिकेडिंग हटा दी गई है। गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है। अब जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है।
जंतर-मंतर से बैरिकेड हटने पर स्थानीय लोगों को राहत
बैरिकेड हटाए जाने के बाद स्थानीय निवासियों को आने-जाने में सहूलियत मिली है। 18वीं सदी की इस वेधशाला के आसपास लंबे समय से लागू प्रतिबंधों के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। कुछ स्थानीय निवासियों ने दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था।
इस वजह से केंद्र सरकार ने लिया फैसला
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान जंतर-मंतर पर लागू प्रतिबंधों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उस समय लुटियंस दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने कई प्रवेश मार्गों पर बैरिकेड लगा दिए थे।
इसके साथ ही पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 भी लागू की थी। इन प्रतिबंधों के चलते जंतर-मंतर और आसपास की सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई थी।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की अधिसूचना से हटाया
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 11 अक्तूबर को एक स्थायी आदेश जारी किया था। इसके तहत जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया। पुलिस ने अब अधिकृत प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं।
इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड और उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने रखी अपनी दलील
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जंतर-मंतर अब प्रदर्शनों के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं रह गया है। पुलिस ने दलील दी कि किसी सार्वजनिक सड़क को स्थायी रूप से प्रदर्शन स्थल के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
इसके समर्थन में सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात जाम और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया गया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने हलफनामा दाखिल किया।
हलफनामे में बताया गया कि गृह मंत्रालय की समिति ने सर्वसम्मति से जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए अनुपयुक्त माना था।
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