दिल्ली बिल्डिंग हादसा: तीन ठेकेदार गिरफ्तार, मलबे में अब भी 5 लोगों के दबे होने की आशंका

HIGHLIGHTS
- दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में तीन ठेकेदार गिरफ्तार।
- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान के रूप में हुई।
- तीनों आरोपियों को फरीदाबाद के गांव सिरोही से पकड़ा गया।
नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित गली शीश महल में निर्माणाधीन इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के गांव सिरोही से पकड़ा है।
इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह धारा हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाले आपराधिक मानव वध के लिए सजा से संबंधित है।
आखिर क्यों ढह गई निर्माणाधीन इमारत?
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। एसडीएम मनोज कुमार ने गुरुवार को बताया कि ढही हुई इमारत के बेसमेंट में अभी भी पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। अब तक चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीमें मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
इमारत गिरने की संभावित वजह बताते हुए मनोज कुमार ने कहा कि यह निर्माण एक छोटे से प्लॉट पर किया जा रहा था। आशंका है कि कंक्रीट और मलबे के पूरी तरह सूखने से पहले ही अस्थायी सहारे हटा दिए गए थे, जिससे पूरी संरचना ढह गई।
एनडीआरएफ और एमसीडी के 30 कर्मचारी बचाव अभियान में जुटे
एसडीएम मनोज कुमार के अनुसार, छोटे प्लॉट पर चार मंजिला इमारत बनाई गई थी। ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माण के दौरान इस्तेमाल की गई सेंटरिंग यानी अस्थायी सपोर्ट को कंक्रीट और मलबा सूखने से पहले ही हटा दिया गया। इसी वजह से इमारत गिरने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि गीला मलबा अब जम चुका है और बेसमेंट में फंसा हुआ है। फिलहाल पांच लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ और एमसीडी के कुल 30 कर्मचारी राहत एवं बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अब तक चार लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे।
एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर किए गए अनधिकृत निर्माण के ढहने से पूरी संरचना नीचे आ गई।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल और संबंधित नागरिक एजेंसियां मौके पर पहुंच गई थीं। राहत एवं बचाव कार्य में सुविधा के लिए घटनास्थल पर फ्लडलाइट भी लगाई गईं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रातभर अभियान चलाया गया।
संकरी गली के कारण बचाव कार्य में आ रही परेशानी
हादसे के बाद बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक मशीनरी और वाहनों को पहुंचाना है। यह इमारत घनी आबादी वाले इलाके में महज तीन फीट चौड़ी एक बंद गली के आखिरी छोर पर स्थित है।
गली संकरी होने के कारण मोटर चालित वाहन, बचाव दल के ट्रक और मलबा हटाने वाली भारी मशीनें घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके चलते राहत और बचाव अभियान में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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