भारत-यूके FTA: ब्रिटिश व्यापार आयुक्त ने पीयूष गोयल की तारीफ में पढ़े कसीदे, बताया शानदार वार्ताकार

HIGHLIGHTS
- भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई से लागू होगा, जिससे दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- ब्रिटिश व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बेहतरीन व्यापार वार्ताकारों में से एक बताया।
- समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले भारत के 90.2% निर्यात पर आयात शुल्क नहीं लगेगा।
नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने से पहले दक्षिण एशिया के लिए यूनाइटेड किंगडम के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की जमकर सराहना की। उन्होंने गोयल को दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यापार वार्ताकारों में से एक बताते हुए कहा कि जटिल बातचीत को सफलतापूर्वक अंजाम देने में उनकी भूमिका अहम रही है।
पीयूष गोयल को बताया बेहतरीन वार्ताकार
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में हरजिंदर कांग ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत के दौरान उनकी पीयूष गोयल के साथ मजबूत पेशेवर समझ विकसित हुई। उन्होंने कहा कि गोयल एक साथ कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर काम करते हुए भी हर मुद्दे पर पूरी तैयारी के साथ बातचीत करते हैं। कांग ने उन्हें अपना अच्छा मित्र भी बताया।
15 जुलाई से लागू होगा समझौता
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हुए थे। यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होने जा रहा है।
समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले भारत के 90.2 प्रतिशत निर्यात पर आयात शुल्क समाप्त हो जाएगा। वहीं भारत भी व्हिस्की, कारों समेत कई प्रमुख ब्रिटिश उत्पादों पर आयात शुल्क में चरणबद्ध कमी करेगा। दोनों देशों का मानना है कि इससे व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।
भारत को बताया बड़ा निवेश केंद्र
हरजिंदर कांग ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में शामिल है। उनके अनुसार, वैश्विक कंपनियां अब भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही हैं।
उन्होंने कहा कि निवेशक किसी भी देश में पूंजी लगाने से पहले जोखिम और संभावित लाभ का आकलन करते हैं, लेकिन भारत में विकास की संभावनाएं इतनी मजबूत हैं कि यह विदेशी निवेशकों को लगातार आकर्षित कर रहा है।
निवेश संधि से बढ़ेगा भरोसा
कांग ने कहा कि प्रस्तावित द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) लागू होने के बाद विदेशी निवेशकों को बेहतर कानूनी सुरक्षा और अधिक भरोसा मिलेगा। इससे भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ने की संभावना है और दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
यूके इंडिया अवॉर्ड्स का भी किया जिक्र
हरजिंदर कांग ने हाल ही में लंदन में आयोजित यूके इंडिया अवॉर्ड्स 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने सार्वजनिक रूप से उनका सम्मान किया था। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक बताया।
बातचीत आसान नहीं थी
भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत के अनुभव साझा करते हुए कांग ने कहा कि यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण जरूर थी, लेकिन भारतीय व्यवस्था को समझने से बातचीत आसान हो गई। उन्होंने कहा कि भारत में बातचीत पारस्परिक सहयोग और संतुलन के सिद्धांत पर आधारित होती है और यही इस समझौते की सफलता का आधार भी बना।
व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement - CETA) कहलाने वाले इस समझौते का उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में हर वर्ष लगभग 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि करना है।
सरकार का मानना है कि इस समझौते से भारतीय वस्त्र, इंजीनियरिंग उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य निर्यात क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर मिलेंगे, जबकि ब्रिटिश उत्पादों के लिए भी भारतीय बाजार तक पहुंच आसान होगी।
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