JNU मामला: कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के घर पुलिस ने चिपकाया नोटिस

HIGHLIGHTS
- वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के आवास पर नोटिस चिपकाया।
- सांसद ने आरोपों से इनकार करते हुए जांच प्रक्रिया में खामियां होने का दावा किया।
- दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज की थी।
नई दिल्ली। वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन की ओर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के आवास के बाहर नोटिस चिपकाया गया है। यह नोटिस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में उनके खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने नोटिस के जरिए सांसद को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धारा के तहत जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
कांग्रेस सांसद ने क्या कहा?
अकोइजाम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। साथ ही, उन्होंने जांच प्रक्रिया में खामियां होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें जांच रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई, जबकि अपील के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए यह जरूरी थी।
उन्होंने यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण (POSH) अधिनियम की धारा 16 के तहत गोपनीयता के प्रावधानों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उनकी पहचान समय से पहले उजागर कर दी गई।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दर्ज की FIR
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने JNU प्रशासन की ओर से आरोप सामने आने के बाद गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के अनुसार, आंतरिक समिति ने शिकायतकर्ताओं के बयान, गवाहों के पक्ष, प्रोफेसर की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का आकलन किया था।
रिपोर्ट में समिति ने आरोपों को सही पाया और संबंधित व्यवहार को अनुचित बताया। समिति के अनुसार, यौन संकेत देने वाले आचरण और अवांछित शारीरिक संपर्क के कारण महिला विद्यार्थियों के साथ पेशेवर मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ। इससे उनके लिए डराने वाला, अपमानजनक और प्रतिकूल शैक्षणिक माहौल बना।
समिति ने यह भी कहा कि संबंधित आचरण की प्रकृति और शिकायतकर्ताओं पर उसके प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
11 अक्टूबर को दर्ज हुई थी FIR
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है।
इस बीच, भाजपा की महिला नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मालविका देवी, राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक और गीता शाक्य तथा वरिष्ठ भाजपा नेता रेखा शर्मा शामिल थीं।
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