राज्यसभा में खरगे-रिजिजू आमने-सामने, अमित शाह की मौजूदगी को लेकर विपक्ष ने उठाई मांग

HIGHLIGHTS
- राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की
- मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग रखी
- खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अपनी मांग दोहराई
नई दिल्ली। संसद में गुरुवार 6 अगस्त को भी हंगामा देखने को मिला, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।
विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग दोहराई।
अमित शाह की मौजूदगी को लेकर विपक्ष ने उठाई मांग
राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद चेयरमैन ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे। इसके बाद चेयरमैन ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने का मौका दिया।
खरगे ने सदन में विपक्ष की मांग को दोहराते हुए कहा कि अमित शाह को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मामले में सदन को संबोधित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
इसके बाद खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सदन में रखी अपनी बात को साझा किया। उन्होंने लिखा, "हम देश और उसके 140 करोड़ लोगों से जुड़े वाजिब सवाल ही उठाते हैं। हम गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से सदन में आने के लिए कह रहे हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "हम चेयरमैन से अनुरोध करते हैं कि वे गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देने का निर्देश दें। हम इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।"
किरेन रिजिजू ने विपक्ष की मांग पर दिया जवाब
विपक्ष की मांग पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता ने किसी नियम का हवाला नहीं दिया, वे चेयरमैन को निर्देश नहीं दे सकते, केवल अनुरोध कर सकते हैं, हुक्म नहीं चला सकते। कांग्रेस के नए सदस्य कुछ नहीं सीख रहे हैं क्योंकि उनका नेतृत्व उन्हें मौका नहीं दे रहा है।"
खरगे और रिजिजू के बीच हुई बहस के बाद राज्यसभा चेयरमैन ने रिजिजू से कहा कि वह विपक्ष के नेता के अनुरोध पर विचार करें। उन्होंने कहा कि खरगे ने सदन में गृह मंत्री की मौजूदगी का अनुरोध किया है और संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर वह यह बात गृह मंत्री तक पहुंचा सकते हैं।
नारेबाजी के कारण बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर कई बार बाधित हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब 30 मिनट के अंदर ही पहली बार इसे स्थगित करना पड़ा।
इसके बाद कार्यवाही को पहले दोपहर 2:15 बजे और फिर 3:15 बजे तक के लिए स्थगित किया गया, जिसके कारण सदन का कामकाज प्रभावित रहा।
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