जींद में जमीन विवाद बना रिश्तों का दुश्मन, पूर्व सरपंच ने बेटे को गोलियों से भूना

HIGHLIGHTS
- पौने तीन एकड़ जमीन को लेकर पिता-पुत्र में चल रहा था विवाद।
- आरोपी ने लाइसेंसी रिवाल्वर से सात से आठ राउंड फायर किए।
- मृतक मुरारी लाल की पत्नी ने पांच अन्य लोगों पर साजिश के आरोप लगाए।
जींद। गांव तलौडा में बुधवार देर रात जमीन को लेकर हुए विवाद में पूर्व सरपंच मदन लाल ने अपने 26 वर्षीय बेटे मुरारी लाल की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पत्नी शिवानी ने आरोप लगाया कि वारदात के समय डायल 112 की टीम मौके पर मौजूद थी, जबकि एसपी कुलदीप सिंह के अनुसार पुलिस घटनास्थल से कुछ दूरी पर थी।
पिता-पुत्र के बीच पौने तीन एकड़ जमीन को लेकर अदालत में विवाद चल रहा था। आरोप है कि मदन लाल ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से सात से आठ राउंड फायर किए। इस दौरान मुरारी के पेट और गर्दन में गोलियां लगीं। उसे कितनी गोलियां लगीं, यह देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सका था। इसकी पुष्टि के लिए एक्सरे भी करवाया गया। देर शाम तक शव का पोस्टमार्टम जारी था।
चार साल पहले हुई थी मुरारी की शादी
मुरारी लाल की पत्नी शिवानी ने बताया कि उनकी शादी चार साल पहले हुई थी और उनका तीन साल का बेटा है। उसने अपनी सास मनजीत कौर, ननद पूजा व वंदना और ग्रामीण गुरबख्श व कमलू पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने मदन लाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। वहीं, मनजीत कौर, पूजा, वंदना, गुरबख्श और कमलू को हत्या की साजिश रचने के मामले में नामजद किया गया है।
मदन लाल चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था, लेकिन कुछ साल बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ चंडीगढ़ में रहने लगा और वहां होटल चलाने लगा। बुधवार को वह गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। इसी दौरान रात को पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया।
विवाद के समय ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मुरारी को घर भेज दिया, जबकि मदन लाल एक अन्य मकान में बैठ गया। शिवानी का आरोप है कि मुरारी ने पहले भी आरोपितों के खिलाफ थाने में कई बार शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसने यह भी कहा कि उसका ससुर उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी देता था।
विवाद की आशंका में डायल 112 को किया था फोन
शिवानी के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे गांव का गुरबख्श उनके घर आया और मुरारी को अपने साथ बुलाकर ले गया। उसे आशंका थी कि वहां उसके पति का पिता के साथ झगड़ा हो सकता है। इसी कारण उसने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी थी।
शिवानी ने बताया कि मुरारी के गुरबख्श के घर पहुंचने के बाद डायल 112 की टीम भी वहां आ गई। टीम में एसपीओ जगबीर सिंह और एसआई वजीर भी मौजूद थे। उसके अनुसार, मदन लाल पहले से ही वहां था। शिवानी का आरोप है कि उसकी सास मनजीत कौर ने मदन लाल की ओर इशारा किया, जिसके बाद उसने मुरारी पर गोलियां चला दीं। उसने यह भी आरोप लगाया कि गोली चलने के बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए।
पुलिस घटनास्थल से कुछ दूरी पर थी: एसपी
एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि हत्या पुलिस के सामने नहीं हुई थी। पुलिस घटनास्थल से कुछ दूरी पर मौजूद थी। उनके अनुसार, मुरारी ने जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला, उसके पिता ने उस पर फायरिंग कर दी।
बुधवार की वारदात के बाद दोपहर में मदन लाल अदालत में वकील के माध्यम से सरेंडर करने पहुंचा। सरेंडर से पहले ही पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट परिसर के बाहर पहुंच गई थी। इस दौरान पुलिस और वकील के बीच कहासुनी होने की बात भी सामने आई है।
एसपी ने बताया कि वकील की ओर से शिकायत मिली है, जिसकी जांच करवाई जाएगी। पुलिस ने मदन लाल को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के लिए उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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