गुरुग्राम में दिवाली पर सिर्फ 2 दिन जला सकेंगे ग्रीन पटाखे, 9 नवंबर से फिर लगेगा प्रतिबंध

HIGHLIGHTS
- गुरुग्राम में दिवाली पर केवल 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति।
- सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे पटाखे।
- 9 नवंबर से पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर फिर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा।
गुरुग्राम। दीपावली के अवसर पर इस बार गुरुग्राम के लोगों को केवल दो दिन ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन ने सात और आठ नवंबर को तय समय सीमा के भीतर हरित पटाखे जलाने की छूट प्रदान की है। इसके बाद नौ नवंबर से पटाखों पर दोबारा पूरी तरह प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए केवल नीरी (एनईईआरआइ) से प्रमाणित ग्रीन पटाखों को ही अनुमति होगी। प्रशासन की ओर से निर्धारित व्यवस्था के तहत सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
ग्रीन पटाखों की बिक्री करने वाले व्यापारियों के लाइसेंस चार से छह नवंबर तक अस्थायी रूप से बहाल किए गए हैं। पटाखों की बिक्री सिर्फ पीईएसओ से लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों को निर्धारित स्थानों पर करने की अनुमति होगी। बिना प्रमाणन वाले पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर रोक
प्रशासन ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के आसपास 300 मीटर की दूरी तक पटाखे जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई है।
इसके अलावा बेरियम युक्त पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं होगी। ऐसे उत्पाद भी प्रतिबंधित रहेंगे, जिन्हें नीरी की ओर से ग्रीन पटाखे के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। लड़ी वाले पटाखों के निर्माण और बिक्री पर भी रोक जारी रहेगी।
नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला और खंड स्तर पर विशेष निगरानी टीमें बनाई गई हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें निर्धारित बिक्री केंद्रों पर नजर रखेंगी। इस दौरान नीरी की वेबसाइट पर उपलब्ध उत्पादों की सूची, निर्माताओं के पंजीकरण और क्यूआर कोड का सत्यापन भी किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से संदिग्ध पटाखों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे जाएंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उनके लाइसेंस या पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
वायु गुणवत्ता पर भी रखी जाएगी नजर
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को नियमित रूप से वायु गुणवत्ता की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों को वेबसाइट पर अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है।
संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में निरीक्षण करने और इसकी दैनिक रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.