18 मिनट में उम्रकैद तय: सजा मिलने के बाद सामने आया ताहिर हुसैन का पहला बयान

HIGHLIGHTS
- फैसला सुनाए जाने के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था रही बेहद कड़ी, परिजनों को भी दूरी से देखना पड़ा।
- सजा के बाद दोषियों के परिवार भावुक हुए, जावेद की पत्नी की तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं।
- ताहिर हुसैन ने फैसले के बाद हाईकोर्ट जाने की बात कही, वकीलों ने अपील करने का संकेत दिया।
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में शुक्रवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया गया। कोर्ट रूम नंबर-56 में पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों की सजा पर फैसला होना था। सुबह से ही अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई थीं।
फैसले से पहले अदालत परिसर में चर्चा थी कि दोषियों को उम्रकैद मिलेगी या फिर फांसी की सजा सुनाई जाएगी। दोपहर बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई। करीब 3 बजकर 47 मिनट पर ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत कक्ष में लाया गया। परिजन दूर खड़े होकर उन्हें देखने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुरक्षा कारणों से किसी को भी पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
18 मिनट तक अदालत में रहा सन्नाटा
शाम चार बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह अदालत कक्ष में पहुंचे और कार्यवाही शुरू की। फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत में पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा। दोषियों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी और कोर्ट की हर बात पर सभी की नजरें न्यायाधीश पर थीं।
करीब 18 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान आदेश की प्रत्येक पंक्ति के साथ दोषियों के भाव बदलते रहे। आखिरकार अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को अंकित शर्मा की हत्या और दंगों से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत में उम्रकैद का फैसला सुनते ही ताहिर हुसैन भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू आ गए और चेहरा मायूस नजर आया। वहीं अन्य दोषी भी सिर झुकाकर खड़े रहे।
फैसले की जानकारी बाहर पहुंचते ही कई परिजन भावुक हो गए। कुछ लोग अपने परिवार के सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण किसी को मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
जावेद की पत्नी फैसले के बाद हुईं बेहोश
फैसले के बाद अदालत ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। शाम करीब 4:35 बजे सभी दोषियों को पुलिस सुरक्षा में अदालत से बाहर ले जाया गया।
बाहर मौजूद उनके परिवार के सदस्य उन्हें दूर से ही देखते रह गए। इस दौरान सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब दोषी जावेद की पत्नी अपने पति को जाते देखकर रोने लगीं। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं।
परिजनों ने उन्हें संभाला। वहीं, ताहिर हुसैन के भाई ने कहा कि परिवार इस फैसले से दुखी है और आगे की कानूनी रणनीति को लेकर वकीलों से चर्चा करेगा।
दोषियों के वकीलों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है और इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है।
अदालत परिसर में देर तक बना रहा भावुक माहौल
फैसले के बाद करीब आधे घंटे तक अदालत परिसर में सिसकियां, कानूनी चर्चाएं और सुरक्षा व्यवस्था का माहौल बना रहा। पुलिस काफिले के रवाना होने के बाद धीरे-धीरे परिसर में स्थिति सामान्य हुई।
इस फैसले के साथ अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में निचली अदालत की प्रक्रिया एक अहम चरण तक पहुंच गई। वहीं, इस फैसले ने दोषियों के परिवारों और पीड़ित पक्ष से जुड़े लोगों की भावनाओं को भी प्रभावित किया।
ताहिर हुसैन ने कहा- हाईकोर्ट से मिलेगा इंसाफ
ताहिर हुसैन को अदालत में करीब एक घंटे तक रखा गया, जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया।
अदालत कक्ष से बाहर निकलते समय मीडिया के सवालों पर ताहिर हुसैन ने कहा, "इंसाफ हाईकोर्ट से मिलेगा। अभी देर नहीं हुई है।"
ताहिर हुसैन के वकीलों ने भी फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है।
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