महराजगंज: नारायणी नदी में बहकर भारत पहुंचे 4 शव, सीमा पर नेपाल प्रहरी को सौंपे गए

HIGHLIGHTS
- नारायणी नदी में बहकर भारत पहुंचे चार शव नेपाल प्रहरी को सौंपे गए।
- शवों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे।
- पहचान नहीं होने पर 72 घंटे तक शव सुरक्षित रखे गए।
महराजगंज। नेपाल में 26 अगस्त को आई प्राकृतिक त्रासदी के बाद नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे चार शवों को रविवार रात नेपाल प्रहरी को सौंप दिया गया। इसके लिए भारत-नेपाल सीमा के ठूठीबारी मुख्य गेट को रात करीब साढ़े 10 बजे खोला गया। चार शवों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे। सीमा पर निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी शव नेपाल प्रहरी के सुपुर्द कर दिए गए।
नारायणी नदी के बहाव के साथ चारों शव 27 अगस्त को भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे थे। सूचना मिलने के बाद निचलौल पुलिस ने नदी किनारे से शव बरामद किए। पहचान नहीं हो पाने के कारण आवश्यक प्रक्रिया के तहत शवों को महराजगंज जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया था।
पुलिस और प्रशासन ने शवों की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन तय अवधि के दौरान पहचान नहीं हो सकी। शवों को सुरक्षित रखने के निर्धारित प्रोटोकाल के तहत 72 घंटे तक इंतजार किया गया। इसके बाद रविवार को चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
पहचान के लिए शवों की डीएनए सैंपलिंग भी कराई गई
पहचान नहीं होने की स्थिति में भविष्य में पहचान की प्रक्रिया में मदद के लिए सभी चार शवों की डीएनए सैंपलिंग भी कराई गई। पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद रविवार रात निचलौल तहसीलदार अमित कुमार सिंह की निगरानी में निचलौल थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार राय पुलिस टीम के साथ दो एंबुलेंस से चारों शव लेकर ठूठीबारी सीमा पर पहुंचे।
सीमा पर नेपाल प्रहरी के अधिकारियों के साथ जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद रात करीब साढ़े 10 बजे सीमा का मुख्य गेट खोला गया। निचलौल पुलिस ने चारों शव नेपाल प्रहरी के इंस्पेक्टर शुभ राज बम को सौंप दिए।
अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार चारों शव नेपाल प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।
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