किश्तवाड़ आतंकी हमले में NIA की बड़ी कार्रवाई, 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल

HIGHLIGHTS
- किश्तवाड़ के छात्रू इलाके में 22 फरवरी को आतंकी हमला हुआ था।
- करीब पांच महीने की जांच के बाद एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
- आरोपपत्र में कुल 535 पन्ने शामिल हैं।
जम्मू। किश्तवाड़ के छात्रू इलाके में हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकियों की मदद करने के आरोप में मनीर अहमद और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपित बनाया है।
यह हमला इसी साल 22 फरवरी को हुआ था। करीब पांच महीने तक चली जांच के बाद आतंकी साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए। एनआईए ने इस मामले में जम्मू की विशेष अदालत में 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है।
मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में पाकिस्तान निवासी जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह कश्मीरी भी शामिल था। वह कई अन्य नामों से भी जाना जाता था और नागरिकों तथा सुरक्षाबलों पर हमलों में शामिल रहा था।
कश्मीर टाइगर्स के अजराइल समूह से जुड़े थे आतंकी
एनआईए के मुताबिक, मारे गए तीनों आतंकी कश्मीर टाइगर्स के अजराइल समूह से जुड़े थे। वे किश्तवाड़ के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय थे। कश्मीर टाइगर्स को जैश-ए-मोहम्मद का मुखौटा संगठन बताया जाता है।
जांच में सामने आया कि छात्रू के नैदगाम निवासी मनीर अहमद ने आतंकियों को पनाह देने और उनकी गतिविधियों में मदद करने में भूमिका निभाई थी। इन आतंकियों पर किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप हैं।
एजेंसी ने मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, अन्य आरोपितों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और इसकी साजिश रचने से संबंधित कानूनी प्रावधान भी आरोपपत्र में शामिल किए गए हैं।
जवाबी कार्रवाई में मारे गए थे तीनों आतंकी
एनआईए के अनुसार, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के दौरान तीनों आतंकी मारे गए थे। आरोप है कि यह समूह इलाके में कई ऐसे हमलों में शामिल रहा, जिनमें सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय नागरिकों की जान गई।
करीब पांच महीने तक चली जांच में एजेंसी ने हमले के पीछे की साजिश, आतंकियों के नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर उन्हें कथित तौर पर मिली मदद की पड़ताल की। अब आरोपपत्र के आधार पर अदालत में मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, जांच एजेंसी हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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