ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोले- मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना मुश्किल

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने खामेनेई के साथ संबंधों को लेकर दी जानकारी
- मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं
- लिखित संदेशों के जरिए अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने का दावा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना काफी मुश्किल हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई अभी भी देश के लिए शक्ति का एक बड़ा स्रोत हैं और ईरान की रणनीति व जवाबी कार्रवाई में उनकी अहम भूमिका बनी हुई है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान की शीर्ष सत्ता में मतभेद और राष्ट्रपति व सुप्रीम लीडर के बीच तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।
'उनकी मौजूदगी हमें आगे बढ़ने की ताकत देती है'
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, "इस समय उनसे संपर्क करना बहुत कठिन है, लेकिन उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है, जिससे हम आगे बढ़ते रह सकते हैं।"
मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। अमेरिकी-इस्राइली हमले के दौरान घायल होने के बाद उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। वह अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इस पद पर पहुंचे थे।
सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर, लेकिन फैसलों में सक्रिय
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई फिलहाल सार्वजनिक गतिविधियों से दूर हैं, लेकिन लिखित संदेशों के माध्यम से सरकार और अधिकारियों के संपर्क में हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
यह भी कहा गया कि वह पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए थे। हालांकि, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मोजतबा खामेनेई के साथ कई सकारात्मक बैठकें हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर ने हमेशा उनके साथ "सौहार्दपूर्ण व्यवहार और बेहद तार्किक सोच" का परिचय दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी अलग छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत इससे अलग है।
मतभेद की खबरों के बाद बढ़ी चर्चा
राष्ट्रपति का यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को अंतिम चेतावनी दी है और अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया है।
इस्राइली चैनल 14 ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की राजनीतिक ताकत को काफी हद तक सीमित कर दिया है।
इस्तीफे की धमकी देने का दावा
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन कई बार मतभेदों के चलते इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं और मई में उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की कोशिश भी की थी।
उनका आरोप था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में उनकी सरकार को पूरी तरह अलग रखा गया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अब सुप्रीम लीडर का झुकाव पूरी तरह ईरान के सैन्य नेतृत्व की ओर है, जिससे राष्ट्रपति की रणनीतिक फैसलों पर पकड़ कमजोर हुई है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी सरकार ने भी इन रिपोर्टों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.