मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल, यूपी की इस सीट से उतरने की चर्चाएं तेज

HIGHLIGHTS
- जयंत चौधरी ने शमी के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की
- शमी के राजनीति में उतरने को लेकर कुछ दिनों से चर्चाएं चल रही थीं
- शमी करीब 17 महीने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं
- इंग्लैंड और श्रीलंका दौरे के लिए भी उन्हें टीम में जगह नहीं मिली
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मुलाकात के बाद अमरोहा में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। जयंत चौधरी ने इस मुलाकात की तस्वीर फेसबुक पर साझा की है। इसके बाद शमी के राजनीति में आने को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अमरोहा के सहसपुर अलीनगर निवासी क्रिकेटर मोहम्मद शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य के राजनीति में उतरने की चर्चा चल रही है।
रविवार को दिल्ली में मोहम्मद शमी ने रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। इससे अमरोहा के साथ-साथ पूरे मंडल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
जयंत चौधरी ने फेसबुक पर तस्वीर साझा करते हुए मोहम्मद शमी जैसे महान क्रिकेटर से मिलना सुखद अनुभव बताया है।
वहीं, टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी करीब 17 महीने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नौ मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था।
इंग्लैंड और श्रीलंका दौरे पर भी नहीं मिली जगह
इंग्लैंड और श्रीलंका के दौरे के लिए भी मोहम्मद शमी को टीम में शामिल नहीं किया गया। ऐसे में जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद राजनीति में उतरने की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
हालांकि, क्रिकेटर मोहम्मद शमी के चुनाव लड़ने के सवाल पर फिलहाल उनके परिवार और रालोद नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।
रालोद के अमरोहा जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी ने बताया कि मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात किस उद्देश्य से हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
भाजपा ढूंढ रही है महबूब अली की काट, शमी बन सकते हैं विकल्प
क्रिकेटर मोहम्मद शमी तुर्क बिरादरी से आते हैं। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र में तुर्क बिरादरी का खासा प्रभाव है। जोया इलाके को तुर्किस्तान भी कहा जाता है।
ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अमरोहा सीट से शमी सपा विधायक महबूब अली का विकल्प हो सकते हैं। मोहम्मद शमी भाजपा गठबंधन के लिए भी एक विकल्प बन सकते हैं। इसका फायदा एनडीए को मंडल की दूसरी सीटों पर भी मिलने की बात कही जा रही है।
परिवार के किसी दूसरे सदस्य के चुनाव लड़ने की भी चर्चा
अमरोहा के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि अगर मोहम्मद शमी राजनीति में नहीं आते हैं तो उनके परिवार के किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।
उनके बड़े भाई हसीब का नाम पहले भी अमरोहा से चुनाव लड़ने की चर्चाओं में सामने आ चुका है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.