मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी की रकम छिपाने वाले 2 गिरफ्तार, पेट्रोल पंप के QR कोड का करते थे इस्तेमाल

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- पेट्रोल पंपों के QR कोड के जरिए ठगी की रकम खातों में पहुंचाने का आरोप।
- तीन मोबाइल फोन और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया।
मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर उसके असली स्रोत को छिपाने वाले दो आरोपियों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर पेट्रोल पंपों के QR कोड का इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को लेने और उसे आगे भेजने के लिए करते थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जेल भेज दिया। SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी अर्पित कुमार और महोबा निवासी आकाश के रूप में हुई है। दोनों की गिरफ्तारी साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई।
पेट्रोल पंपों से लेते थे QR कोड
जांच के अनुसार, आरोपी पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर अपनी कोई मजबूरी बताकर वहां के कर्मचारियों से QR कोड हासिल करते थे। इसके बाद पेट्रोल पंप का QR कोड अपने अन्य साथियों को भेज दिया जाता था। आरोप है कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन्हीं QR कोड के जरिए पेट्रोल पंपों के बैंक खातों में भेजी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, रकम खाते में आने के बाद आरोपी पेट्रोल पंप कर्मचारियों के जरिए उसे नकद निकलवाते थे। इसमें अपना कमीशन रखने के बाद बाकी रकम सहयोगियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर कर दी जाती थी।
रकम का असली स्रोत छिपाने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से हासिल रकम को कई बैंक खातों के बीच ट्रांसफर कर उसका मूल स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती थी। जांच के दौरान बैंक खाते उपलब्ध कराने और फर्जी या कूटरचित आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर ठगी की रकम को अपने पास रखने के बजाय अलग-अलग बैंक खातों और QR कोड के जरिए आगे पहुंचाने का काम करते थे। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की भी जांच कर रही है। साइबर ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और वहां से उसे कहां-कहां ट्रांसफर किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

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