मुजफ्फरनगर: परिवार ने लगाए फर्जी केस में फंसाने के आरोप, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के पलड़ी गांव के परिवार ने कुछ लोगों पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया।
- पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
- परिवार ने सुरक्षा उपलब्ध कराने और झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव निवासी एक परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर लंबे समय से परेशान करने, झूठे मामलों में फंसाने और धमकी देने का आरोप लगाया है। सोमवार को पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय पहुंचा और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सुरक्षा की मांग करते हुए शिकायत पत्र सौंपा।
एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रखी अपनी शिकायत
पलड़ी निवासी कय्यूम पुत्र मकसूद अपने परिवार के साथ दोपहर करीब दो बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग लगातार उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं और परेशान कर रहे हैं।
परिवार ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
बेटे और दामाद पर झूठे मुकदमे लगाने का आरोप
कय्यूम का आरोप है कि विरोधी पक्ष पहले भी उनके बेटे और दामाद को गलत मामलों में फंसाकर जेल भिजवा चुका है। उन्होंने बताया कि परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव झेल रहा है और इसी दौरान उनके दूसरे बेटे फुरकान की सड़क हादसे में मौत हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद भी परिवार के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश जारी है।
काम करने से रोकने और झूठी शिकायतों का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें मजदूरी तक नहीं करने दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में उनके बेटे, दामाद और भाई के खिलाफ जुआ, पेड़ काटने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए, जो पूरी तरह निराधार हैं।
परिवार ने कहा कि इन शिकायतों के पीछे उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
वायरल वीडियो की जांच की मांग
कय्यूम ने आरोप लगाया कि उनके बेटे से जुड़ा एक वीडियो वायरल किया गया, लेकिन उसकी सही तरीके से जांच नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी, जबकि शिकायत करने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार ने एसएसपी से मांग की है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।
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