मुजफ्फरनगर: जिला अस्पताल के ICU में विवाद के बाद मरीज की मौत, तीमारदार गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के ICU में दो मरीजों के तीमारदारों के बीच विवाद के बाद एक मरीज की मौत हो गई।
- पुलिस ने मारपीट के आरोप में दूसरे मरीज के तीमारदार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा, पुलिस अस्पताल स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर जांच कर रही है।
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल के आईसीयू में मरीजों के तीमारदारों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। सोमवार तड़के हुई मारपीट के बाद एक मरीज की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में दूसरे मरीज के तीमारदार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक, नई मंडी थाना क्षेत्र के बिलासपुर निवासी 45 वर्षीय रमेशपाल लीवर संबंधी गंभीर बीमारी के चलते जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। इसी वार्ड में गोशाला रोड निवासी 48 वर्षीय संजय की मां कमला देवी का भी सांस की बीमारी के कारण इलाज चल रहा था।
कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद संजय ने रमेशपाल के साथ मारपीट कर दी, जिसमें उनके चेहरे और नाक पर चोट आई।
अस्पताल कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर घायल रमेशपाल को इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। लेकिन सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी संजय को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रमेशपाल की मौत चोटों के कारण हुई या उनकी पहले से चल रही बीमारी इसकी वजह बनी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
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