मुजफ्फरनगर पहुंची 'गोल्डन कांवड़', 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड आभूषणों से सजे भोलेनाथ
By Hitesh — August 2, 2026

HIGHLIGHTS
- हरियाणा के सोनीपत निवासी रोहित कुमार वर्मा दूसरी बार गोल्डन कांवड़ लेकर यात्रा पर निकले हैं।
- कांवड़ में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड आभूषणों से सजाया गया है।
- रोहित वर्मा के साथ आठ शिवभक्तों की टीम हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है।
Author: — Dainik Dehat
मुजफ्फरनगर। शिव कांवड़ यात्रा-2026 में इस बार कई अनोखी कांवड़ें श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रविवार दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर सिसौना कट के पास एक ऐसी ही 'गोल्डन कांवड़' पहुंची, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीर रुककर इस कांवड़ की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।
यह विशेष कांवड़ हरियाणा के सोनीपत जिले की सोने की नगरी के नाम से पहचाने जाने वाले खरखौदा निवासी गोल्ड प्लेटेड आभूषण कारोबारी रोहित कुमार वर्मा लेकर चल रहे हैं। कांवड़ में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड आभूषणों से खास तरीके से सजाया गया है, जिसके कारण यह यात्रा के दौरान लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
शिवभक्त रोहित कुमार वर्मा ने बताया कि यह उनकी दूसरी गोल्डन कांवड़ यात्रा है। पिछले साल भी वह इसी तरह की कांवड़ लेकर यात्रा पर निकले थे। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनका गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी कारोबार लगातार बढ़ रहा है और आज उनके कई शोरूम संचालित हो रहे हैं। इसी आस्था और धन्यवाद के भाव से उन्होंने यह विशेष कांवड़ बाबा महादेव को समर्पित की है।
पुलिस की टीम दे रही सुरक्षा
रोहित कुमार वर्मा ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा पर लगाए गए स्वर्ण आभूषणों की कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये है। इसके अलावा वह खुद भी लगभग इतनी ही कीमत के आभूषण पहने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें बाबा भोलेनाथ पर पूरा विश्वास है और उन्हें किसी तरह का डर नहीं है। हालांकि, इतने कीमती आभूषणों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से जरूरत पड़ने पर पुलिस भी उनके साथ चलती है।
उन्होंने बताया कि उनकी टीम में कुल आठ शिवभक्त शामिल हैं, जो हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
गोल्डन प्रतिमा और स्वर्ण आभूषणों से सजी यह अनोखी कांवड़ मुजफ्फरनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालुओं ने इसे आस्था, भक्ति और अनोखी प्रस्तुति का सुंदर मेल बताया।
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