मुजफ्फरनगर: सुशील मूंछ को पेश नहीं कर सकी पुलिस, कोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को पत्र भेजकर मामले में जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए
- न्यायालय के अनुसार, सुशील मूंछ को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात सामने आई है
- पुलिस ने बताया कि आरोपी परिवार सहित गांव छोड़ चुका है और उसकी संपत्ति कुर्क की जा चुकी है
मुजफ्फरनगर। गैंगस्टर एक्ट के मामले में भगोड़ा घोषित और एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ को पुलिस न्यायालय के सामने पेश नहीं कर सकी है। करीब तीन साल बीतने के बाद भी पुलिस उसके खिलाफ जारी नोटिस का तामिला नहीं करा पाई है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुख्यात बदमाश के देश से बाहर होने की जानकारी सामने आई है और उसे स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है। मामले को लेकर न्यायालय ने अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को भी पत्र भेजा है, ताकि राज्य सरकार की ओर से दायर अपील का जल्द निस्तारण हो सके।
गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत में सुशील मूंछ के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पुलिस आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कर सकी। सुनवाई के दौरान रतनपुरी थाने के आरक्षी नरेश कुमार ने विभागीय कार्रवाई से संबंधित जवाब दाखिल किया।
पुलिसकर्मी ने अदालत को बताया कि वह कुख्यात सुशील मूंछ के मकान पर गया था, जहां गांव के संभ्रांत लोगों ने जानकारी दी कि वह परिवार समेत गांव छोड़कर जा चुका है। उसकी पैतृक संपत्ति न्यायालय के आदेश पर कुर्क की जा चुकी है और मकान पर कुर्की का नोटिस बोर्ड लगा हुआ है।
न्यायालय ने कहा कि अपील की तारीख से लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ को नोटिस तामील नहीं करा सकी है। अदालत के संज्ञान में यह तथ्य भी आया कि आरोपी देश से बाहर चला गया है और उसे स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की बात कही गई है।
अदालत ने कहा कि सुशील उर्फ मूंछ एक शातिर अपराधी है और पुलिस ने नोटिस तामील कराने के मामले में केवल कागजी कार्रवाई की है। उसे तलाशने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपी के दो बेटों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हो चुकी है, इसके बावजूद पुलिस आरोपी तक नोटिस नहीं पहुंचा सकी।
न्यायालय ने पत्रावली के अवलोकन के बाद कहा कि पुलिस सुशील मूंछ को नोटिस तामील कराने में सक्षम नहीं है। इसी को देखते हुए अपर मुख्य सचिव गृह उत्तर प्रदेश शासन और डीजीपी को पत्र भेजा गया है, ताकि राज्य सरकार की ओर से दाखिल अपील का जल्द निस्तारण किया जा सके।
टॉप-10 अपराधियों में शामिल है सुशील मूंछ
कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ को गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय भगोड़ा घोषित कर चुका है। वह मुजफ्फरनगर का टॉप-10 अपराधी होने के साथ रतनपुरी थाने का हिस्ट्रीशीटर और प्रदेश स्तर के आईएस-199 गैंग का सरगना है।
सुशील मूंछ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अपहरण जैसे 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ मामलों में वह बरी भी हो चुका है। पुलिस पिछले तीन वर्षों से उसे न्यायालय में पेश नहीं कर सकी है।
इस मामले में किया था आत्मसमर्पण
भोपा पुलिस ने 26 फरवरी 2003 को शराब के ठेके से लाखों रुपये कीमत की हरियाणा मार्का अवैध शराब बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में दो सेल्समैन को मौके से गिरफ्तार किया था।
घटना के दो दिन बाद पुलिस ने गैंग चार्ट तैयार कर सुशील उर्फ मूंछ, मोरना के ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी समेत कई लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद सुशील मूंछ ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
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