मुजफ्फरनगर: स्कूल में पढ़ाई के बीच रील बनाती दिखीं शिक्षिकाएं, वीडियो सामने आते ही BSA ने दिए जांच के आदेश

HIGHLIGHTS
- पुरकाजी और खतौली ब्लॉक के स्कूलों से वीडियो सामने आए।
- शिक्षिकाओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर स्कूल परिसर की वीडियो होने का दावा।
- कुछ वीडियो में फिल्मी और रोमांटिक गानों का इस्तेमाल किया गया।
मुजफ्फरनगर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई और अनुशासन के बीच सोशल मीडिया रील का मामला सामने आया है। पुरकाजी और खतौली ब्लॉक के कुछ सरकारी स्कूलों से फिल्मी गानों पर बनाई गई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इनमें शिक्षिकाएं विद्यालय परिसर में रील बनाती नजर आ रही हैं। कुछ वीडियो में बच्चों को भी शामिल किए जाने की बात कही जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक माहौल और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामला शुक्रवार को चर्चा में आया, जब विद्यालय परिसर से जुड़ी कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आईं। इन वीडियो में शिक्षिकाएं फिल्मी और रोमांटिक गानों पर रील बनाती दिखाई दे रही हैं। कुछ वीडियो में विद्यालय परिसर में बाइक से जुड़ी गतिविधियां भी नजर आने का दावा किया जा रहा है।
पुरकाजी के कोलाहेड़ी स्कूल की प्रधानाध्यापिका की वीडियो सामने आईं
पुरकाजी ब्लॉक के गांव कोलाहेड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका रितिका भारद्वाज के सोशल मीडिया अकाउंट पर विद्यालय परिसर से जुड़ी कई वीडियो होने की बात सामने आई है। इनमें कुछ वीडियो सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित हैं, जबकि कुछ में फिल्मी गानों पर रील बनाई गई हैं।
विद्यालय परिसर में बनाई गई इन वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी स्कूल का परिसर बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए है या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए। वीडियो में नजर आने वाली गतिविधियों को लेकर विभाग की ओर से जांच की बात कही गई है।
खतौली के टबीटा स्कूल की वीडियो में बच्चों के शामिल होने का दावा
इसी तरह खतौली ब्लॉक के टबीटा स्थित परिषदीय विद्यालय से जुड़ी वीडियो भी सामने आई हैं। प्रधानाध्यापिका दीपा रावत के सोशल मीडिया अकाउंट पर विद्यालय परिसर में बनाई गई कई वीडियो होने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इन वीडियो में बच्चों के साथ फिल्मी गीतों पर डांस और फिल्मी कलाकारों की नकल करते हुए वीडियो बनाए गए हैं। बच्चों को सोशल मीडिया कंटेंट में शामिल किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उन्हें किस उद्देश्य से बनाया गया, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पढ़ाई के बीच रील बनाने पर उठे सवाल
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की जिम्मेदारी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, नियमित शैक्षणिक गतिविधियां कराने और स्कूल में अनुशासन बनाए रखने की होती है। ऐसे में विद्यालय परिसर में फिल्मी गानों पर मनोरंजन आधारित रील बनाने का मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
खासकर बच्चों को वीडियो में शामिल करने को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभाग इस समय परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता और नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में स्कूल परिसर में सोशल मीडिया के लिए इस तरह की वीडियो बनाए जाने को लेकर विभाग ने संज्ञान लिया है।
BSA बोले- शिक्षकों की नियुक्ति पढ़ाने के लिए, रील बनाना गलत
BSA ने कहा कि मामले का संज्ञान लिया जाएगा और सामने आई वीडियो के साथ पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षिकाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाए गए थे और विद्यालय परिसर में सोशल मीडिया रील बनाने के मामले में संबंधित शिक्षिकाओं की भूमिका क्या रही है।
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