आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत, हार्दिक पटेल ने रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन का किया समर्थन

HIGHLIGHTS
- हार्दिक पटेल ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
- रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन को सोशल मीडिया पर मिल रहा बड़ा समर्थन।
- पाटीदार नेताओं ने भी आरक्षण सुधार की मांग का समर्थन किया।
गांधीनगर। गुजरात में साल 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन की शुरुआत करने वाले नेता हार्दिक पटेल और उनके पुराने साथी पाटीदार नेता अब देश में चल रहे रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन को लेकर आंशिक समर्थन जता रहे हैं।
भाजपा विधायक हार्दिक पटेल का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े तथा जरूरतमंद लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के एक्स अकाउंट पर 55 लाख से ज्यादा सदस्य जुड़ चुके हैं और यह संख्या हर मिनट हजारों की संख्या में बढ़ रही है।
'रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन' को मिल रहा समर्थन
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद डिजिटल स्पेस में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर प्रदर्शन के जवाब में तैयार किया गया ऑनलाइन अभियान रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। पिछले दो दिनों में इसके मुख्य पेज पर हर 25 मिनट में एक लाख नए सदस्य जुड़ने का दावा किया जा रहा है।
'सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान'
इस आंदोलन के मुख्य पेज का आईपी एड्रेस राजस्थान के कोटा का बताया जा रहा है। अभियान चलाने वाले समूह ने अलग-अलग राज्यों के लिए भी अलग अकाउंट बनाए हैं। इसका पंचलाइन है- "सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान।"
सोशल मीडिया पर जहां इस आंदोलन को लेकर चर्चा तेज है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर भी अब इस अभियान पर बनी हुई है।
देश की आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत- हार्दिक पटेल
गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के अगुवा रहे और अब भाजपा विधायक हार्दिक पटेल का कहना है कि देश की आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उनके अनुसार सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े, गरीब और जरूरतमंद लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
संपन्न लोगों को खुद आरक्षण छोड़ देना चाहिए- हार्दिक पटेल
हार्दिक पटेल ने कहा कि जिन परिवारों के लोग सरकारी सेवा में हैं और आरक्षण का लाभ लेकर गरीबी व पिछड़ेपन से बाहर आ चुके हैं, उन्हें अपने समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए आरक्षण का लाभ स्वेच्छा से छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक यह लाभ पहुंचाना चाहते थे, इसलिए संपन्न लोगों को खुद आरक्षण छोड़ने की पहल करनी चाहिए।
आरक्षण जरूरी है, लेकिन सुधार भी आवश्यक- हार्दिक पटेल
हार्दिक पटेल देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर जनजागरण और सामाजिक आंदोलन की जरूरत भी बताते हैं। उनका कहना है कि समाज में गरीबी, जातिगत भेदभाव और पिछड़ापन अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए आरक्षण होना चाहिए, लेकिन इसमें सुधार भी जरूरी है।
पाटीदार आंदोलन के बाद लागू हुआ EWS आरक्षण
गौरतलब है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद ही देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 फीसदी आरक्षण व्यवस्था लागू हुई थी।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन से जुड़े नेता और खोडलधाम के ट्रस्टी दिनेश बामणिया तथा सरदार पटेल ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष लालजी पटेल ने भी आरक्षण आंदोलन का समर्थन किया है। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
गुजरात में एक और आंदोलन की संभावना
दिनेश बामणिया ने कहा कि सीजेपी के जवाब में शुरू हुए आरएचए आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है और इसे राजस्थान के कोटा से चलाया जा रहा है। राज्यवार इसके अलग-अलग पेज भी बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आने वाले समय में गुजरात में भी एक नए आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति, सरदार पटेल ग्रुप और गुजरात के अन्य आंदोलनकारी नेता इस मुद्दे पर आगामी रविवार को गांधीनगर में एकजुट होने की तैयारी कर रहे हैं।
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