निर्मला सीतारमण ने पेश किया 1 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण फंड

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष (Economic Stabilization Fund) बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। उन्होंने यह बात लोकसभा में पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कही।
वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने के लिए फंड
सीतारमण ने बताया कि यह फंड विशेष रूप से पश्चिम एशिया जैसी जगहों पर अचानक पैदा होने वाली समस्याओं से अर्थव्यवस्था को झटके से बचाने का काम करेगा। उनका कहना था कि इस फंड के जरिए सरकार को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में आसानी होगी।
चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त खर्च और राजकोषीय स्थिति
फंड के अलावा, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कुल 2.81 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति लोकसभा से मांगी है। हालांकि, सरकार को 80,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है। इससे वास्तविक अतिरिक्त खर्च केवल 2.01 लाख करोड़ रुपये होगा।
सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि 2025-26 में राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमान (RE) के भीतर ही रहेगा। संशोधित अनुमान के अनुसार राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% होगा, जो बजट अनुमान के बराबर है। उन्होंने कहा कि दूसरी पूरक मांगों के कारण बजट अनुमान से कोई अतिरिक्त खर्च नहीं बढ़ा है।
विपक्ष के सदस्य इस दौरान एलपीजी की कमी को लेकर नारेबाजी करते रहे। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने कुल खर्च को 50.65 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से घटाकर 49.65 लाख करोड़ रुपये कर दिया था।
पूरक अनुदान की अन्य मंजूरियाँ
लेखा महानियंत्रक (CGA) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी तक सरकार 36.90 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी थी। पूरक अनुदान मांगों में इसके अलावा निम्नलिखित प्रस्ताव शामिल हैं:
-
उर्वरक सब्सिडी के लिए 19,230 करोड़ रुपये
-
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए 23,641 करोड़ रुपये
-
रक्षा मंत्रालय के लिए 41,822 करोड़ रुपये
सीतारमण ने आश्वासन दिया कि किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी और इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.