पथरी मंदिर हत्याकांड का खुलासा, गद्दी पर कब्जे और ब्लैकमेलिंग की साजिश में दो साधुओं की हत्या

HIGHLIGHTS
- पथरी के पथरेश्वर मंदिर में दो साधुओं की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया।
- पुलिस के अनुसार, मंदिर की गद्दी पर कब्जे की साजिश और ब्लैकमेलिंग हत्या की मुख्य वजह बनी।
- मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।
पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ स्थित पथरेश्वर मंदिर में हुई दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मंदिर की गद्दी पर कब्जा करने की साजिश और ब्लैकमेलिंग इस दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह रही।
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
यह है पूरा मामला
सोमवार रात पंकज निवासी ऐथल ने पुलिस को सूचना दी थी कि पथरेश्वर मंदिर में ठहरे दो साधुओं की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलने के बाद एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ लक्सर देवेंद्र सिंह नेगी और एसओ रविंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान मंदिर परिसर के पास खुदाई कर दो साधुओं के शव बरामद किए गए। इनमें से एक साधु की पहचान सेवा गिरी (38) के रूप में हुई थी, जबकि दूसरे की पहचान नहीं हो पाई थी। मंगलवार दोपहर दूसरे साधु की पहचान पारस गिरी (40) के रूप में हुई। दोनों साधु उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रताल के रहने वाले थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि 14 जुलाई को फूलगढ़ गांव स्थित पथरेश्वर मंदिर में आयोजित भंडारे में दोनों साधु पहुंचे थे और उसके बाद से वहीं ठहरे हुए थे।
पूछताछ में सामने आई घटनाक्रम की जानकारी
पुलिस पूछताछ में पंकज ने बताया कि ऐथल के रामेश्वर मंदिर में रहने वाले उत्तम झा ने उसे इस मामले की जानकारी दी थी। उत्तम 18 जुलाई की रात पथरेश्वर मंदिर में मौजूद था। उसने रात में सेवा गिरी और उत्तम गिरी को शराब पीते हुए देखा था।
पंकज के अनुसार, 19 जुलाई की सुबह कुछ लोगों को गड्ढा खोदते हुए देखा गया था। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी अखिल गिरी के कहने पर लक्सर के इस्माइलपुर निवासी आशु उसे वहां से सुल्तानपुर ले गया और बस में बैठाकर वापस भेज दिया। ऐथल मंदिर लौटने के बाद उसने पंकज को घटना के बारे में जानकारी दी थी।
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