TGT-PGT भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र, कफन ओढ़कर किया चक्काजाम; आशुतोष पांडेय हिरासत में

HIGHLIGHTS
- टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के तहत एक अवसर देने की मांग।
- अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
- प्रदर्शनकारियों ने कफन ओढ़कर एकलव्य चौराहे पर चक्काजाम किया।
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के तहत एक मौका देने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन और तेज हो गया। शिक्षा निदेशालय से लेकर एकलव्य चौराहे तक दिनभर विरोध-प्रदर्शन और गहमागहमी का माहौल बना रहा। नाराज अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर चक्काजाम किया। बाद में बातचीत के आश्वासन पर जब वे शिक्षा निदेशालय परिसर लौटे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
अभ्यर्थियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं पर बातचीत करने के बजाय उन्हें प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।
गुरुवार सुबह आंदोलन में शामिल कुछ अभ्यर्थी अपने साथियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने और जरूरी काम से बाहर गए थे। इसी बीच प्रशासन ने शिक्षा निदेशालय का मुख्य गेट बंद कर उस पर ताला लगा दिया। जब बाहर गए प्रदर्शनकारी वापस लौटे तो उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उस समय कुछ महिला और पुरुष अभ्यर्थी निदेशालय के अंदर ही मौजूद थे।
इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ गया। शिक्षा निदेशालय में प्रवेश नहीं मिलने पर वे एकलव्य चौराहे पर पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताने लगे।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने कथित तौर पर कहा कि अभ्यर्थी दूसरे स्थानों पर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन शिक्षा निदेशालय परिसर में धरना देने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रशासन ने धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए आंदोलन खत्म करने को कहा। साथ ही प्रदर्शन जारी रखने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने प्रस्ताव रखा कि वे सड़क खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें दोबारा शिक्षा निदेशालय परिसर में बैठने की अनुमति दी जाए, ताकि वे संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकें।
अभ्यर्थियों का कहना था कि उनका आंदोलन सीधे भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर है। इसलिए उनकी मांगों को सुनने और समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत का अवसर दिया जाना चाहिए।
परिसर में वापस पहुंचते ही पुलिस ने शुरू की हिरासत की कार्रवाई
अभ्यर्थियों का कहना है कि सड़क खाली करने और अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की उम्मीद में वे फिर से शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वहां पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे।
जैसे ही प्रदर्शनकारी परिसर में पहुंचे, पुलिस ने उन्हें पकड़कर बसों में बैठाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे सड़क खाली करने और प्रशासन से बातचीत करने के लिए तैयार थे, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।
जीत के बाद सीधे अभ्यर्थियों के धरने में पहुंचे एमएलसी मान सिंह
इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव गुरुवार को स्वागत कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय शिक्षा निदेशालय के गेट पर धरना दे रहे प्रतियोगी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे। इस दौरान उनके साथ सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने धरने में शामिल होकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगारों, किसानों और नौजवानों समेत समाज का हर वर्ग परेशान है।
वहीं, एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, महासचिव रविंद्र यादव, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, आरएन यादव सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी धरने में शामिल रहे।
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