वाराणसी में सपा का दबदबा, स्नातक एमएलसी सीट पर आशुतोष सिन्हा विजयी

HIGHLIGHTS
- मतगणना बुधवार से बृहस्पतिवार तक चली, इस दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।
- शुरुआती दौर में आशुतोष सिन्हा ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी।
- जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के आंकड़ों को लेकर एक्स पर डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीर साझा की।
वाराणसी में स्नातक एमएलसी सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने जीत दर्ज की। अंतिम गणना में उन्हें 55,046 मत मिले। इस तरह आशुतोष सिन्हा ने 19,932 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। जीत के बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। मतगणना स्थल पर सुबह से ही ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजती रही और सपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
बुधवार से बृहस्पतिवार तक मतगणना जारी रही। इस दौरान सपा और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। बुधवार शाम भाजपा नेताओं, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने पहले चक्र से ही बढ़त बनाए रखी।
शुरुआती चक्रों से ही आशुतोष सिन्हा आगे
पहले चक्र से ही आशुतोष सिन्हा भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह से आगे चल रहे थे। दूसरे चक्र की गणना पूरी होने पर उनकी बढ़त करीब 2,900 मतों की थी। तीसरे चक्र में आशुतोष सिन्हा को 5,776 मत मिले, जिससे उनके कुल मतों की संख्या 16,195 हो गई। वहीं, केदार सिंह को तीसरे चक्र में 4,414 मत मिले और उनके कुल मत 11,800 पहुंच गए। इस चक्र के बाद आशुतोष सिन्हा 4,307 मतों से आगे थे।
छठे चक्र तक आशुतोष सिन्हा को 35,086 मत मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह को 23,253 मत प्राप्त हुए थे। इस समय सपा प्रत्याशी की बढ़त 11,833 वोटों की थी। पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर बुधवार देर रात तक पांच चक्रों की गिनती पूरी हो चुकी थी। चौथे चक्र तक आशुतोष सिन्हा ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली थी।
12वें से 19वें चक्र तक के मत
12वें चक्र की गणना के बाद आशुतोष सिन्हा को 50,809 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 33,704 मत प्राप्त हुए। इस तरह आशुतोष सिन्हा 17,105 वोटों से आगे थे।
इसके बाद हुई गणना में दोनों प्रत्याशियों के मत इस प्रकार रहे:
13वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 50,931 और केदारनाथ सिंह को 33,711 मत मिले।
14वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,035 और केदारनाथ सिंह को 33,757 मत मिले।
15वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,131 और केदारनाथ सिंह को 33,773 मत मिले। इस चरण में सिन्हा 17,358 वोटों से आगे रहे।
16वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,263 और केदारनाथ सिंह को 34,052 वोट मिले।
17वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,513 और केदारनाथ सिंह को 34,114 मत मिले।
18वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,624 और केदारनाथ सिंह को 34,648 वोट मिले।
19वें चक्र: आशुतोष सिन्हा को 51,753 और केदारनाथ सिंह को 34,502 मत मिले।
20वें से 23वें चक्र तक की गणना
20वें चक्र की गणना के बाद दोनों प्रत्याशियों को मिले मत इस प्रकार थे:
आशुतोष सिन्हा: 51,880
केदारनाथ सिंह: 34,685
21वें चक्र के बाद आशुतोष सिन्हा को 52,060 और केदारनाथ सिंह को 37,766 मत मिले।
22वें चक्र की गणना में आशुतोष सिन्हा के मतों की संख्या 52,735 रही, जबकि केदारनाथ सिंह को 35,041 वोट मिले।
23वें चक्र के बाद आशुतोष सिन्हा को 53,573 और केदारनाथ सिंह को 35,114 मत प्राप्त हुए। अंतिम गणना में आशुतोष सिन्हा को कुल 55,046 वोट मिले और वह 19,932 मतों से विजयी घोषित हुए।
सपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, 2027 को लेकर किया दावा
आशुतोष सिन्हा की बढ़त के साथ ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया। वाराणसी के अलावा आसपास के जिलों से भी सपा नेता मतगणना स्थल पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने खुशी जताते हुए कहा कि 2027 में अखिलेश यादव की सरकार बनेगी। मतगणना स्थल पर ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच कार्यकर्ता जश्न मनाते रहे।
मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई गई
मतगणना शुरू होने से पहले मतपत्रों की बंडलिंग की गई थी। शुरुआती चरण में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि दो चक्रों की गिनती पूरी होने के बाद भी आधिकारिक घोषणा नहीं की जा रही है और मतगणना का ब्योरा डिस्प्ले नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की थी। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीर पोस्ट की।
स्नातक सीट की मतगणना के दौरान आए नए आंकड़े
स्नातक एमएलसी चुनाव में प्रथम वरीयता के मतों की आठवें चक्र तक हुई गणना में आशुतोष सिन्हा 47,450 मतों के साथ आगे रहे थे। नौवें चक्र तक उन्हें 50,462 मत मिले और वह 16,984 मतों से आगे चल रहे थे। 12वें चक्र की गणना पूरी होने के बाद उनकी बढ़त 17,105 मतों की हो गई थी। उस समय द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती जारी थी।
शिक्षक एमएलसी सीट पर लाल बिहारी यादव आगे
शिक्षक एमएलसी सीट पर प्रथम अधिमान के मतों की गणना पूरी होने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव बढ़त में रहे। विवरण पत्र के अनुसार, शिक्षक सीट पर 22,943 वैध मत मिले, जबकि 1,441 मत निरस्त किए गए।
प्रथम अधिमान के मतों में लाल बिहारी यादव को 10,958 और भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मत प्राप्त हुए। अन्य प्रत्याशियों को मिले मत इस प्रकार रहे:
डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह: 3,111
धर्मेंद्र कुमार यादव: 1,088
सुधांशु शेखर त्रिपाठी: 533
चेतनारायण दुबे: 450
संजय राय निष्पक्ष: 301
डॉ. कपिल अस्थाना: 152
अक्षय सिंह: 108
देव नारायण सिंह: 108
पहले चक्र में लाल बिहारी यादव को 6,941, प्रमोद कुमार मिश्रा को 3,005, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह को 1,696 और धर्मेंद्र कुमार यादव को 626 मत मिले। सुधांशु शेखर त्रिपाठी को 303, चेतनारायण दुबे को 271, डॉ. कपिल अस्थाना को 129, संजय राय निष्पक्ष को 93, अक्षय सिंह को 25 और देव नारायण सिंह को 55 मत प्राप्त हुए।
दूसरे चक्र में लाल बिहारी यादव को 4,017 और प्रमोद कुमार मिश्रा को 3,055 मत मिले। दोनों चक्रों के आंकड़ों को जोड़कर परिणाम सामने आए। वहीं, स्नातक एमएलसी सीट पर मतपत्रों की बंडलिंग और मतगणना का काम देर रात तक जारी रहा।
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