आलू की कीमतों को लेकर सादाबाद में आंदोलन, टिकैत के संबोधन के बाद धरना स्थगित

HIGHLIGHTS
- सादाबाद में 25 दिन से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना स्थगित।
- राकेश टिकैत ने आलू किसानों की समस्या उठाई।
- आलू के लिए आयोग या विशेष कमेटी बनाने की मांग।
सादाबाद। आलू की लगातार गिरती कीमतों और किसानों की समस्याओं को लेकर सादाबाद तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था। बृहस्पतिवार को संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादक किसानों को अपनी फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है। सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए आयोग या कमेटी का गठन करना चाहिए।
राकेश टिकैत ने कहा कि अब अनिश्चितकालीन धरने को स्थगित करके बड़ी पंचायत आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके बाद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उनके संबोधन के बाद तहसील परिसर में पिछले 25 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया गया।
टिकैत ने कहा कि आलू को लेकर किसानों में बड़े स्तर पर राहत की मांग है। इस वर्ष आलू का उत्पादन अधिक होने की वजह से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आलू की समस्या केवल सादाबाद या हाथरस तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के किसान इस संकट से प्रभावित हैं। सरकार को इस मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष आलू की बुवाई बढ़ाने के बजाय किसानों को फसल चक्र अपनाना चाहिए। इस बार आलू की बुवाई में करीब 30 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। सरकार और किसानों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि हर कुछ वर्षों में आलू उत्पादकों के सामने बर्बादी की स्थिति न आए।
अगले साल तक बने आलू कमेटी या आयोग
भाकियू प्रवक्ता ने सरकार से मांग की कि आलू और सब्जियों की समस्या के समाधान के लिए अगले साल तक विशेष कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी प्रदेश में आलू और सब्जियों की बुवाई से लेकर उत्पादन, खपत, भंडारण और बाजार भाव तक का पूरा डाटा तैयार करे।
गुड़-चीनी की तरह आलू के भी तय हों दाम
उन्होंने कहा कि जिस तरह चीनी और गुड़ के दाम तय करने की व्यवस्था और बाजार को लेकर चर्चा होती है, उसी प्रकार आलू के उचित मूल्य के लिए भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।
विधायक-सांसद उठाएं आलू किसानों की आवाज
राकेश टिकैत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी किसानों की समस्या को मजबूती से उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद आलू किसानों से जुड़े मुद्दे को विधानसभा और संसद में उठाएं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, प्रदेश महासचिव विमल तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मलिखान सिंह, अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष रनवीर यादव, चौ. सत्यवीर सिकरवार, विक्रम सिंह वर्मा, मंगलेश यादव, देवेंद्र सिंह यादव, श्रीराम चौधरी, बनी सिंह पहलवान समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
टिकैत के आने पर सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
राकेश टिकैत के आगमन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। तहसील परिसर और आसपास के रास्तों से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तथा प्रमुख चौराहों और तिराहों तक पुलिसकर्मियों और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। अधिकारियों ने तहसील परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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