जन्माष्टमी पर खाटूश्यामजी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 17 किमी मार्ग नो-व्हीकल जोन

HIGHLIGHTS
- जन्माष्टमी पर बाबा श्याम के विशेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु खाटूधाम पहुंचे।
- मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
- रात 10 बजे पट बंद कर विशेष सेवा-पूजा और पंचामृत स्नान कराया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा श्याम के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खाटूधाम पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हाथों में गुलाब के फूल लेकर श्रद्धालु बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को अलग-अलग कतारों के माध्यम से दर्शन करवाए जा रहे हैं।
पीतांबरी शृंगार में सजे बाबा श्याम
जन्माष्टमी पर्व को लेकर बाबा श्याम का विशेष शृंगार किया गया है। पीतांबरी वस्त्रों और आकर्षक शृंगार में सजे बाबा श्याम के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालु भजन-कीर्तन के बीच बाबा के दरबार में पहुंचते रहे।
जन्माष्टमी के मुख्य आयोजन के तहत रात में विशेष पूजा-अर्चना होगी। रात 10 बजे बाबा श्याम के पट बंद कर विशेष सेवा-पूजा और पंचामृत स्नान कराया जाएगा। इसके बाद रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर महाआरती होगी। जन्मोत्सव के बाद बाबा को पंजरी का भोग लगाया जाएगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
17 किलोमीटर का मार्ग नो-व्हीकल जोन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। रींगस से खाटूश्यामजी तक करीब 17 किलोमीटर के मार्ग को नो-व्हीकल जोन रखा गया है। इस रास्ते पर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल ही खाटूधाम पहुंच रहे हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस, आरएएफ, होमगार्ड और निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं में सहयोग करने और निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
जन्माष्टमी पर खाटूश्यामजी में उमड़ी भीड़ से एक बार फिर धाम की आस्था और भक्ति का विशाल स्वरूप देखने को मिल रहा है। रात 12 बजे होने वाले कृष्ण जन्मोत्सव और महाआरती को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
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