पंजाब कांग्रेस में घमासान, चन्नी समेत बागी नेताओं की राहुल गांधी से नहीं हो सकी मुलाकात

HIGHLIGHTS
- पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तैयार रिपोर्ट राहुल गांधी तक पहुंची, खरगे के साथ चर्चा के बाद हाईकमान लेगा अंतिम फैसला।
- नाराज नेताओं ने दिल्ली में केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर नेतृत्व परिवर्तन और संगठन से जुड़ी अपनी मांगें रखीं।
- भूपेश बघेल ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में रिपोर्ट दी, जबकि चन्नी समर्थकों ने सोशल मीडिया अभियान तेज किया।
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और नेताओं की नाराजगी को लेकर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट अब कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंच गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट राहुल गांधी के कार्यालय को भेजी गई है और अब इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बताया जा रहा है कि नाराज नेताओं को दिल्ली बुलाकर उनकी बात सुनने की जिम्मेदारी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को दी गई थी। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत अन्य असंतुष्ट नेताओं को राहुल गांधी से सीधी मुलाकात का समय नहीं मिल सका। उन्हें पहले वेणुगोपाल से चर्चा करने के लिए कहा गया।
वेणुगोपाल ने नेताओं से की बातचीत
गुरुवार को दिल्ली पहुंचे पंजाब कांग्रेस के नाराज नेताओं में चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद डॉ. अमर सिंह, विधायक परगट सिंह और सुखपाल सिंह खैरा समेत कई नेता शामिल थे।
केसी वेणुगोपाल ने सभी नेताओं से सामूहिक और व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी चिंताओं को समझा। बैठक के दौरान असंतुष्ट नेताओं ने संगठन में बदलाव और चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर अपनी मांगें दोहराईं।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने नेताओं से फिलहाल आपसी मतभेद खत्म कर चुनावी एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया है। वहीं, नाराज नेताओं ने बताया कि वे नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री चेहरे की मांग क्यों उठा रहे हैं।
भूपेश बघेल की भूमिका पर उठे सवाल
बैठक के दौरान असंतुष्ट नेताओं ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उनकी चिंताओं और सुझावों को हाईकमान तक सही तरीके से नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उन्हें सीधे नेतृत्व से संपर्क करना पड़ा।
इस दौरान पंजाब में संगठन की स्थिति, आगामी चुनावों की तैयारी और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर भी चर्चा हुई।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में बघेल
वहीं, पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने अपनी रिपोर्ट पहले ही संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन का जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 29 जिला कांग्रेस अध्यक्षों में से 25 वड़िंग के साथ हैं, जबकि कांग्रेस के सात सांसदों में से चार उनका समर्थन कर रहे हैं। इसी आधार पर वड़िंग को पद पर बनाए रखने की सिफारिश की गई है।
सोशल मीडिया अभियान से बढ़ा दबाव
दूसरी ओर, चन्नी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर 'सारा पंजाब चन्नी दे नाल' अभियान तेज कर दिया है। इसे हाईकमान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस में जारी इस सियासी खींचतान के बीच अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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