राहुल ममकूटाथिल मामला: विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता पर मांगी कानूनी राय

केरल विधानसभा अध्यक्ष एएन शमसीर ने रविवार को कहा कि पलक्कड़ से विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक नए यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तारी के बाद अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में शमसीर ने कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद किसी विधायक का पद पर बने रहना समाज के लिए गलत संकेत देता है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी विधायक पर इतने संगीन आरोप सामने आए हैं, इसलिए इस मामले को विशेषाधिकार और नैतिकता समिति के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने दोहराया कि अंतिम निर्णय से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और कानून की नजर में हर व्यक्ति समान है, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर भी दी सफाई
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को किसी विधायक के खिलाफ कार्रवाई से पहले अध्यक्ष को सूचित करना अनिवार्य नहीं होता, बशर्ते कार्रवाई विधानसभा परिसर या विधायक हॉस्टल के भीतर न हो। उन्होंने कहा कि ममकूटाथिल की गिरफ्तारी तय कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई और जांच एजेंसियों ने बाद में इसकी सूचना दी। पुलिस के अनुसार, तीसरा यौन उत्पीड़न मामला दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर विधायक को हिरासत में ले लिया गया।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, शिकायत दर्ज कराने वाली महिला पथानामथिट्टा जिले की निवासी है और वर्तमान में कनाडा में रह रही है। उसने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने बयान दर्ज कराए हैं। महिला का आरोप है कि ममकूटाथिल ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। गर्भवती होने के बाद आरोपी ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और गर्भपात कराने की धमकी दी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता पहले से विवाहित है और उसकी पहचान ममकूटाथिल से उस समय हुई थी, जब उसके वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा था। महिला का कहना है कि भरोसे में लेकर उससे शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में उसे अकेला छोड़ दिया गया।
अदालत में पेशी की तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ पूरी होने के बाद राहुल ममकूटाथिल को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। वह मामला भी दुष्कर्म और गर्भपात के लिए मजबूर करने के आरोपों से जुड़ा था।
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