आरजी कर केस: मरम्मत के आदेश में स्वास्थ्य सचिव की भूमिका मिली तो होगी कार्रवाई, शुभेंदु की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- सरकार यह पता लगाएगी कि मरम्मत का आदेश तत्कालीन या मौजूदा स्वास्थ्य सचिव ने दिया था या नहीं।
- शुभेंदु अधिकारी ने तीन आईपीएस अधिकारियों के निलंबन का दावा किया।
- अस्पताल में 14 अगस्त 2024 की रात हुई तोड़फोड़ को लेकर भी आरोप लगाए गए।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि यदि इस बात के सबूत मिलते हैं कि स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम से सटे टॉयलेट में मरम्मत या तोड़फोड़ कराने का आदेश दिया था, तो उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाएगा।
दरअसल, 9 अगस्त 2024 को इसी सेमिनार रूम में 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी। इस वारदात के अगले ही दिन वहां मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया था। इससे लोगों और पीड़िता के परिवार के मन में यह आशंका पैदा हुई कि कहीं मामले से जुड़े अहम सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने के लिए ऐसा तो नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़िता की मां से बातचीत के बाद फैसला
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इमारत के रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पास है। पीड़िता की मां और स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत के बाद यह जांच की जाएगी कि तत्कालीन या मौजूदा स्वास्थ्य सचिव ने मरम्मत का आदेश दिया था या नहीं। यदि इसमें उनकी भूमिका सामने आती है, तो उन्हें पद से हटाया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी आरजी कर अस्पताल में एबीवीपी के मेडिकल स्टूडेंट सेल ‘मेडीविजन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान मंच पर पीड़िता की मां और पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ भी मौजूद थीं।
ममता पर साधा निशाना
इस घटना को दर्दनाक, बर्बर और शर्मनाक बताते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी भाजपा सरकार ने तीन आईपीएस अधिकारियों विनीत गोयल, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि अन्य अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा चलाने से जुड़ी फाइल पिछली मुख्यमंत्री के पास ढाई साल तक लंबित रही। शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, पद संभालने के एक दिन के भीतर ही उन्होंने इसके लिए जरूरी अनापत्ति पत्र जारी कर दिया।
अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि 14 अगस्त 2024 की रात तत्कालीन स्थानीय विधायक के समर्थन से उपद्रवियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने दावा किया कि इस घटना को पूर्व मुख्यमंत्री का मौन समर्थन प्राप्त था।
फिलहाल, मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार कानूनी और संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए काम करेगी।
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